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आईपीएस अंकिता चौधरी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनपर हथियारों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने उन्हें नोटिस जारी कर सफाई मांगी है. अंकिता ने दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजा के दौरान AK-47 राइफल फायरिंग की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. उन्हें लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.
आईपीएस अंकिता शर्मा AK-47 चलाते हुए. (फाइल फोटो)
राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने सीनियर IPS अधिकारी अंकिता शर्मा को ‘कारण बताओ नोटिस’ (show-cause notice) जारी किया है. अंकिता राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक (SP) हैं. अंकिता का दशहरा पर उनका AK-47 राइफल से फायरिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो वायरल होने पर उनकी खूब आलोचना हुई थी. अंकिता पर हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है. मुख्यालय ने अंकिता से कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है.
पुलिस मुख्यालय ने अंकिता शर्मा के वायरल हो रहे वीडियो पर मिल रहे नेगेटिव रिएक्शन पर चिंता जताई. मुख्यालय ने कहा कि इससे पुलिस बल के सम्मान को ठेस पहुंचा है. सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी हुई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अजय यादव ने कहा, “SP (अंकिता शर्मा) का जवाब मिलने के बाद, मैं अपनी टिप्पणी दूंगा और मामले को पुलिस मुख्यालय भेज दूंगा. वहां से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.”
बता दें, अंकिता शर्मा ने 20 अक्टूबर को पुलिस लाइंस में पारंपरिक ‘शस्त्र पूजा’ के बाद कई राउंड फायरिंग की थी. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया और इसे लाखों बार देखा गया. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अंकिता शर्मा का बचाव किया, जबकि अन्य ने उनके बर्ताव पर सवाल उठाए. पीटीआई के मुताबिक, रिटायर्ड IPS अधिकारी आर.के. विज ने बताया कि हथियारों की पूजा के दौरान फायरिंग करना जरूरी नहीं होता है. उन्होंने कहा, “परंपरा मुख्य रूप से हथियारों की पूजा करने की है, न कि उनसे फायरिंग करने की. इस तरह की फायरिंग से दुर्घटना का खतरा रहता है, इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए.”
आईपीएस अंकिता शर्मा पर उठे सवाल
हालांकि, कुछ यूज़र्स ने अधिकारी का बचाव भी किया. ‘पूर्व मेजर एल एस चौधरी’ के रूप में अपनी पहचान बताने वाले एक यूज़र ने माना कि हथियार संभालने में कुछ कमियां थीं, लेकिन उन्होंने कहा कि इन कमियों को सुधारा जाना चाहिए, न कि इसके लिए अंकिता शर्मा के प्रोफेशनल रिकॉर्ड पर सवाल उठाए जाएं. अंकिता शर्मा के अलावा, सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के हथियार चलाने के कुछ और वीडियो भी सामने आए.
कई और अधिकारियों ने भी चलाईथी एके-47 राइफल
अंकिता शर्मा के बाद, एक अन्य वीडियो में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर को भी AK-47 से फायरिंग करते देखा गया. इसके अलावा, रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग, कबीरधाम और बस्तर सहित अन्य जिलों में भी ‘शस्त्र पूजा’ के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हथियार चलाने के वीडियो सामने आए हैं.