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7 batsman fastest ODI double hundred: हैरी ब्रूक ने रावलपिंडी में श्रीलंका के खिलाफ महज 114 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर मेंस वनडे इतिहास में सबसे तेज 200 रन बनाने का नया विश्व कीर्तिमान बना डाला. ब्रूक इस ऐतिहासिक मुकाम को छूने वाले पहले अंग्रेज बल्लेबाज भी बन गए हैं. उनके इस तूफानी पराक्रम और रिकॉर्ड तोड़ पारी ने मॉडर्न वनडे क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है.सबसे तेज वनडे में दोहरा शतक जड़ने वाले 7 बल्लेबाजों के बारे में जानते हैं.
वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जमाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद खास और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि होती है. एक समय था जब वनडे में 200 रन के आंकड़े को छूना लगभग असंभव माना जाता था, लेकिन मॉडर्न दौर के पावर-हिटिंग और आक्रामक रवैये ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है. आज के दौर में न केवल दोहरे शतक बन रहे हैं, बल्कि बल्लेबाज बेहद आक्रामक अंदाज में सबसे कम गेंदों पर 200 रन का आंकड़ा पार कर रहे हैं. आइए नजर डालते हैं वनडे इंटरनेशनल के इतिहास में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया के 7 धाकड़ बल्लेबाजों और उनकी रिकॉर्डतोड़ पारियों पर.
22 अक्टूबर 2026 को रावलपिंडी में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए पाकिस्तान ट्राई-सीरीज के एक मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने इतिहास रच दिया. ब्रूक ने महज 114 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जो पुरुषों के वनडे इतिहास का सबसे तेज 200 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड है. वह वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज बने. अपनी 116 गेंदों की इस चमत्कारी पारी में ब्रूक ने कुल 202 रन बनाए, जिसमें 21 चौके और 10 छक्के शामिल थे. उन्होंने अपनी बाउंड्रीज के जरिए ही 144 रन बटोरे, जो इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक वनडे पारी में बाउंड्री से बनाए गए सबसे ज्यादा रन का नया रिकॉर्ड है. ब्रूक की इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने 429/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें जो रूट के 69 रन और विल जैक्स की नाबाद 66 रनों की पारियों ने भी अहम योगदान दिया.
हैरी ब्रूक से ठीक पहले सबसे तेज वनडे दोहरे शतक का विश्व रिकॉर्ड भारत के युवा कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) के नाम दर्ज था. गिल ने 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए महज 117 गेंदों में अपना शतक से दोहरा शतक पूरा किया था. गिल अंत तक क्रीज पर टिके रहे और 133 गेंदों में नाबाद 223 रनों की आतिशी पारी खेली. वेस्टइंडीज द्वारा रखे गए 405/7 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय कप्तान ने इस मुश्किल रन-चेज को बेहद आसान बना दिया और भारत को 8 विकेट से एक यादगार जीत दिलाई.
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10 दिसंबर 2022 को चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया था. ईशान ने केवल 126 गेंदों में अपना पहला वनडे दोहरा शतक ठोका था, जो उस समय पुरुषों के वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक बन गया था. उन्होंने कुल 131 गेंदों का सामना करते हुए 210 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें 24 चौके और 10 लंबे-लंबे छक्के शामिल थे. ईशान किशन की इस धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने बोर्ड पर 409/8 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और बांग्लादेश को 227 रनों के भारी अंतर से हराया.
विश्व कप 2023 के दौरान 7 नवंबर को मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) ने जो करिश्मा किया, वह क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गया. अफगानिस्तान के खिलाफ 292 रनों का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम केवल 91 रन पर अपने 7 विकेट गंवा चुकी थी और हार की कगार पर खड़ी थी. इसके बाद क्रीज पर आए मैक्सवेल ने दर्द से जूझते हुए महज 128 गेंदों में अपना दोहरा शतक जमाया. उन्होंने नाबाद 201 रनों की ऐसी अकल्पनीय पारी खेली, जिसने ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से चमत्कारी जीत दिलाने के साथ-साथ सीधे विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया.
9 फरवरी 2024 को पल्लेकेले के मैदान पर श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका (Pathum Nissanka) ने एक नया इतिहास लिखा. अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे मैच में निसांका ने 136 गेंदों पर अपना दोहरा शतक पूरा किया. इसके साथ ही वह पुरुषों के वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले श्रीलंका के पहले बल्लेबाज बने. निसांका ने अपनी इस पारी में 139 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 210 रन बनाए. उनकी इस कलात्मक और आक्रामक पारी में 20 चौके और 8 शानदार छक्के शामिल थे. इस ऐतिहासिक पारी के सहारे श्रीलंका ने 381/3 रनों का विशाल स्कोर बनाकर मैच में अपनी पकड़ मजबूत की थी.
2015 के वनडे विश्व कप के दौरान कैनबरा के मनुका ओवल मैदान पर वेस्टइंडीज के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल (Chris Gayle) ने अपनी पावर-हिटिंग का जबरदस्त नजारा पेश किया था. गेल ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलते हुए महज 138 गेंदों में 200 रन पूरे किए थे, जो उस समय वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक था. गेल ने अपनी इस मैराथन पारी में 147 गेंदों पर कुल 215 रन बनाए, जिसमें 16 विशाल छक्के शामिल थे. गेल ने इस दौरान मार्लन सैमुअल्स के साथ दूसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 372 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की थी और वेस्टइंडीज को एक बड़े स्कोर तक पहुंचाया था.
दिसंबर 2011 में इंदौर के होल्कर स्टेडियम में भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी थी. वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए सहवाग ने केवल 140 गेंदों में दोहरा शतक जड़ दिया था, जो उस दौर का सबसे तेज वनडे 200 रन का रिकॉर्ड बना. सहवाग ने 149 गेंदों का सामना करते हुए 219 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली थी, जिसमें 25 चौके और 7 छक्के शामिल थे. यह उस समय वनडे क्रिकेट के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी था. सहवाग के इस तूफानी प्रदर्शन के दम पर भारत ने वनडे मैचों में 418 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया था.
क्रिकेट के शुरुआती दशकों में वनडे फॉर्मेट में 300 रनों का टीम स्कोर भी एक बड़ी उपलब्धि माना जाता था. हालांकि, मॉडर्न क्रिकेट में फील्ड प्रतिबंधों, भारी बल्लों और टी-20 क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव ने बल्लेबाजों के खेलने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया है. अब बल्लेबाज शुरुआती ओवरों से ही बिना किसी दबाव के जोखिम उठाते हैं, जिसके कारण 120-130 गेंदों में 200 रन बनाना संभव होने लगा है.
दुनिया के सबसे तेज 7 दोहरे शतकों की इस प्रतिष्ठित लिस्ट पर नजर डालें तो इसमें भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा साफ नजर आता है. शुभमन गिल, ईशान किशन और वीरेंद्र सहवाग जैसे भारतीय बल्लेबाजों ने न केवल तेजी से दोहरे शतक बनाए, बल्कि टीम को जीत की स्थिति में भी पहुंचाया. भारत के इन दिग्गजों ने यह साबित किया है कि भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप हमेशा से बड़े और तेज स्कोर बनाने में दुनिया में सबसे आगे रही है.
हैरी ब्रूक द्वारा महज 114 गेंदों में बनाया गया यह दोहरा शतक यह दर्शाता है कि वनडे क्रिकेट किस गति से विकसित हो रहा है. ब्रूक ने जिस तरह रावलपिंडी के मैदान पर शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाया, उसने वनडे क्रिकेट में पावर-हिटिंग का नया बेंचमार्क स्थापित किया है. जिस रफ्तार से आज के दौर में बल्लेबाज रन बना रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में 100 से भी कम गेंदों में वनडे दोहरा शतक देखने को मिल सकता है.