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Food & Festival : फाफड़ा-जलेबी वैसे तो पूरे गुजरात की पहचान है, लेकिन त्योहारों के समय इसकी डिमांड आसमान पर पहुंच जाती है. इस साल दशहरे पर भी गुजरात में करीब 500 करोड़ रुपये का फाफड़ा-जलेबी बिका. सिर्फ अहमदाबाद में ही 200 करोड़ की बिक्री हुई. हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि महंगाई की वजह से इस साल डिमांड में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिख रही है.
गुजरात में महंगाई की वजह से फाफड़ा-जलेबी की बिक्री कम रही है.
नई दिल्ली. फाफड़ा का नाम आते ही जेहन में गुजरात की गलियां घूमने लगती हैं. हर राज्य में कोई न कोई ऐसा फूड होता है, जो उसकी पहचान बन जाता है. गुजरात के लिए भी फाफड़ा ऐसा ही फूड है और आंकड़ों में भी इसकी बानगी साफ दिखाई देती है. गुजरातियों को फाफड़ा-जलेबी किस कदर पसंद है, इसकी झलक दशहरा पर प्रदेशभर में हुई इसकी बिक्री में भी दिखाई जाती है. आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ एक दिन में गुजरातभर में करीब 500 करोड़ का फाफड़ा-जलेबी बिक गया. सिर्फ अहमदाबाद में ही 200 करोड़ रुपये के फाफड़ा-जलेबी की बिक्री हुई.
गुजरात में वैसे भी फाफड़ा-जलेबी की डिमांड काफी रहती है. त्योहारों पर यह डिमांड और बढ़ जाती है. खासकर दशहरा के मौके पर इस साल गुजरात में 500 करोड़ रुपये का फाफड़ा-जलेबी बिका है. सिर्फ अहमदाबाद शहर में 200 करोड़ के फाफड़ा-जलेबी की बिक्री हुई है. त्योहारों पर सिर्फ बड़ी और नामचीन दुकानों पर ही भीड़ नहीं दिखी, बल्कि सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी पर बनने वाले फाफड़ा-जलेबी की भी खूब डिमांड रही है.
महंगाई ने डाला बिक्री पर असर
इस साल दशहरे के मौके पर फाफड़ा-जलेबी की बिक्री भले ही करोड़ों में रही है, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि यह बिक्री अनुमान से कम रही है. महंगाई और प्रोडक्ट बनाने की कॉस्ट बढ़ने की वजह से फाफड़ा-जलेबी की कीमतों में करीब 20 फीसदी का उछाल आया है. अहमदाबाद में फाफड़ा-जलेबी बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि कीमतें बढ़ने की वजह से उनकी बिक्री करीब 10 फीसदी कम रही है. कच्चे माल की बढ़ती कीमत के अलावा लेबर कॉस्ट में भी खास उछाल आया है, जिसकी वजह से फाफड़ा-जलेबी की कीमत पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी बढ़ चुकी है.
कितनी है अभी फाफड़ा-जलेबी की कीमत
अहमदाबाद में फाफड़ा की औसत कीमत 940 रुपये प्रति किलोग्राम और जलेबी की 1,040 रुपये प्रति किलोग्राम है. पिछले साल फाफड़ा की औसत कीमत 800 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो इस साल करीब 20 फीसदी ज्यादा हो गई है. जलेबी भी पिछले साल औसतन 900 रुपये किलोग्राम बिक रही थी, जो इस साल 1,000 से ज्यादा पहुंच गई है. इसमें भी 10 फीसदी से अधिक का उछाल दिख रहा है.
महंगाई ने डाला बिक्री पर असर
अहमदाबाद के कारोबारियों का कहना है कि इनपुट कॉस्ट 12 फीसदी बढ़ चुकी है. इसमें सिर्फ कच्चा माल ही नहीं, लेबर और गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ना भी शामिल है. इसकी वजह से बिक्री 35 फीसदी तक गिर चुकी है. उन्होंने बताया कि कई दुकानों में फाफड़ा की कीमत 1,440 रुपये प्रति किलोग्राम तो जलेबी का भाव 1,620 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया है. गुजरात मिठाई एवं फारसन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश कॉन्डोई ने बताया कि कुछ दुकानों पर डिमांड कम है और कुछ पर ज्यादा लेकिन कुलमिलाकर इस साल बिक्री में कमी आई है.