ना फिटनेस, ना नंबर प्लेट… नैनीताल की सड़कों में दौड़ रही मौत, जनता बोली- नियम सिर्फ हमारे लिए है क्या?

ना फिटनेस, ना नंबर प्लेट… नैनीताल की सड़कों में दौड़ रही मौत, जनता बोली- नियम सिर्फ हमारे लिए है क्या?


नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल की सड़कों पर दौड़ रहे नगर पालिका के वाहनों की हालत को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका की कई गाड़ियां बिना नंबर प्लेट और फिटनेस की स्थिति स्पष्ट हुए बिना सड़कों पर संचालित हो रही हैं. कई वाहन इतने जर्जर हो चुके हैं कि इनके संचालन से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आम नागरिकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने वाला प्रशासन सरकारी विभागों के वाहनों की जांच को लेकर कितना गंभीर है.

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने नगर पालिका के वाहनों की स्थिति पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है. वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने स्वीकार किया है कि पुराने वाहनों की समस्या है. प्रशासन के मुताबिक, नए वाहनों की खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है. अब 12 नए वाहनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है.

बिना नंबर प्लेट और फिटनेस के संचालन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कूड़ा उठाने और अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने वाली नगर पालिका की कुछ गाड़ियों की स्थिति चिंताजनक है. आरोप है कि कई वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं हैं और उनकी फिटनेस और बीमा जैसे जरूरी दस्तावेजों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है, तो जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित को मुआवजा दिलाने में मुश्किल आ सकती है. लोगों का कहना है कि आम नागरिकों के वाहनों के दस्तावेज अधूरे होने पर चालान और अन्य कार्रवाई की जाती है. ऐसे में सरकारी विभागों के वाहनों की भी नियमानुसार जांच होनी चाहिए, ताकि सड़क सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके.

स्थानीय निवासी बोले- पर्यावरण मित्रों का सम्मान
नैनीताल निवासी खुर्शीद हुसैन ने नगर पालिका के वाहनों की स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वह पर्यावरण मित्रों के काम का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रशासन को उन वाहनों की हालत पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनसे शहर में कूड़ा उठाने का काम किया जाता है. उनका कहना है कि यदि बिना उचित फिटनेस वाले वाहन से कोई दुर्घटना होती है, तो पीड़ित को बीमा या मुआवजे से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

उन्होंने यह भी कहा कि कूड़े की गाड़ियां कई बार तेज रफ्तार से चलती दिखाई देती हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. खुर्शीद हुसैन ने पूर्व में जल संस्थान के टैंकर से हुई दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सरकारी वाहनों की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है. उनके मुताबिक, जर्जर वाहनों का सड़कों पर संचालन शहर की छवि पर भी असर डालता है.

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने डीएम को भी लिखा था पत्र
मां नयना मैया व्यापार मंडल के अध्यक्ष और स्थानीय व्यापारी पुनीत टंडन ने भी नगर पालिका के वाहनों की हालत पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इन गाड़ियों को सड़क पर चलते देखकर दुर्घटना का डर बना रहता है. उनके मुताबिक, कई वाहन पुराने और जर्जर हो चुके हैं और कुछ वाहनों की नंबर प्लेट और फिटनेस को लेकर भी सवाल हैं.

पुनीत टंडन ने कहा कि परिवहन नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है. यदि किसी सरकारी वाहन से दुर्घटना होती है, तो उससे जुड़े बीमा, जिम्मेदारी और पीड़ित को मिलने वाले मुआवजे जैसे पहलुओं की अनदेखी नहीं की जा सकती. उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों के वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित कराने के संबंध में वह पूर्व में नैनीताल के जिलाधिकारी को पत्र भी लिख चुके हैं. हालांकि, उनके अनुसार अब तक इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दी है. उन्होंने प्रशासन से जल्द जांच कराकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की.

2006-07 में खरीदे गए थे वाहन
नगर पालिका के अधिशासी अभियंता रोहिताश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2006 और 2007 में ए टू जेड (A TO Z) कंपनी के माध्यम से वाहन खरीदे गए थे. उनके मुताबिक, ये वाहन कंपनी के नाम पर पंजीकृत थे और उन पर व्यावसायिक नंबर प्लेट लगाई गई थीं. उन्होंने स्वीकार किया कि पूरे पर्यटन सीजन के दौरान नगर पालिका को इन पुराने और खराब हालत वाले वाहनों से काम चलाना पड़ा.

उन्होंने बताया कि नए वाहनों की खरीद के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजी गई थी, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है. इसके लिए पहली किस्त भी प्राप्त हो गई है. ईओ के अनुसार, अब 12 नए वाहनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी पर्यटन सीजन से पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.



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