Share Market Success Line: शेयर मार्केट में बहुत से लोग निवेश करते हैं, लेकिन सभी लोग उससे मालामाल नहीं होते हैं. शेयरों में निवेश करके कम लोग ही करोड़पति बन पाते हैं, तो वहीं कुछ लोग पूरी तरह से बर्बाद हो जाते हैं. सरकार की नीतियों, कोर्ट के आदेशों और अन्य घटनाक्रमों पर शेयर बाजार का रूख तय होता है. इसी वजह से हर व्यक्ति वित्तीय जोखिम लेने का साहस नहीं कर पाता है. लेकिन कुछ लोगों को शेयर मार्केट से बहुत लाभ होता है. ऐसे लोगों के हाथों में कुछ ऐसी रेखाएं होती हैं, जो उनके लिए करोड़पति बनने की राह बनाती हैं. आइए जानते हैं कि जो लोग शेयर मार्केट में राज करते हैं, उनके हाथों में कौन सी लकी रेखाएं होती हैं?
शेयर मार्केट में उन्नति कराने वाली रेखाएं
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हाथ की रेखाओं से व्यक्ति की किस्मत तय होती है, उससे ही वह सफल या असफल होता है. शेयर मार्केट में सफल होने के लिए सबसे पहली शर्त है कि आपका शनि पर्वत शुभ स्थिति में हो और शनि रेखा बिल्कुल सीधी होनी चाहिए. शनि रेखा को भाग्य रेखा और मनी लाइन भी कहते हैं. जिन लोगों के हाथों में शनि रेखा टूटी हुई, टेढ़ीमेढ़ी, बीच-बीच में कटी हुई हो तो उन लोगों को शेयर मार्केट में पैसा नहीं लगाना चाहिए. उनका पैसा डूब सकता है.
सीधी भाग्य रेखा दिलाती है धन
मध्यमा अंगुली के ठीक नीचे शनि पर्वत होता है. वह पर्वत न ज्यादा उठा हो, न ही धंसा हो, वह सामान्य स्थिति में हो. उसके साथ ही आपके मणिबंध से निकलकर भाग्य रेखा सीधी शनि पर्वत पर आती है तो ऐसे लोग शेयर मार्केट में पैसा लगाकर मालामाल हो जाते हैं.
ऐसे लोग न करें निवेश, डूब जाता है पैसा
हृदय रेखा से निकलकर एक लाइन सीधी शनि पर्वत पर आती हो, तो उसे शनि की भाग्य रेखा कहते हैं. ऐसे लोगों को भी निवेश से लाभ होता है. लेकिन शनि पर्वत पर दो से अधिक खड़ी या आड़ी-तिरछी रेखाएं हों, उस पर अशुभ चिह्न हों तो उन लोगों को शेयर मार्केट से दूर रहना चाहिए.
ऐसी मस्तिष्क रेखा भी बनाती है मालामाल
ऐसे ही जिन लोगों की मस्तिष्क रेखा स्पष्ट और निर्दोष होती है. उस पर कोई कटे का निशान नहीं होता है. वह मस्तिष्क रेखा मंगल पर्वत के पास से निकलकर सीधे सूर्य पर्वत या बुध पर्वत के नीचे तक आती है तो ऐसे लोग बड़े ही तीव्र बुद्धि के होते हैं. ऐसे लोग भी शेयर मार्केट में निवेश करके धन लाभ कमाते हैं.
हाथ में बुध, शनि की स्थिति अच्छी है और उसके साथ सूर्य पर्वत भी अच्छा है, उस पर सूर्य की रेखा स्पष्ट और सीधी है तो ऐसे लोगों को भी निवेश से लाभ होता है. रिंग फिंगर यानि अनामिका अंगुली के ठीक नीचे के स्थान को सूर्य पर्वत कहा जाता है. वहीं सबसे छोटी अंगुली के नीचे बुध पर्वत होता है.
तर्जनी अंगुली के नीचे गुरु पर्वत होता है, यदि यह बहुत उभार या धंसा हुआ न हो, सामान्य स्थिति में हो, उस पर त्रिकोण या चतुर्भज का निशान बना हो तो ऐसे लोग भी निवेश में माहिर होते हैं.
शेयर मार्केट में निवेश से धन लाभ के लिए ये सभी स्थितियां होनी चाहिए. लेकिन जब हाथ देखते हैं तो व्यक्ति के सभी पर्वतों और रेखाओं को देखने के बाद ही बताया जा सकता है कि वह निवेश से लाभ कमाने में सक्ष्म है या नहीं.