UP Teacher Bharti 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए दो बड़े अपडेट सामने आए हैं. प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी (TGT) के 17,740 पदों पर भर्ती के लिए नियमों में बदलाव किया गया है. अब इस भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET) पास करना अनिवार्य होगा. वहीं, परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को बड़ी राहत मिली है. वे अब 60 साल की उम्र तक इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे.
UP TGT भर्ती में बदले नियम, अब TET जरूरी
उत्तर प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर (TGT) के 17,740 पदों पर भर्ती को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. लेकिन अब शासन ने भर्ती की अर्हता यानी योग्यता से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है. नए नियमों के तहत अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री में कम से कम 50 प्रतिशत अंक या पोस्ट ग्रेजुएशन में 45 प्रतिशत अंक होना जरूरी है. इसके साथ ही बीएड (B.Ed) की डिग्री और अपर प्राइमरी लेवल की टीईटी पास होना भी अनिवार्य कर दिया गया है.
इस बदलाव के बाद अब अभ्यर्थियों को टीजीटी (TGT) भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले अपनी एकेडमिक योग्यता के साथ टीईटी (TET) की शर्त भी पूरी करनी होगी. वहीं, शारीरिक शिक्षा विषय के पदों के लिए बीपीएड (B.P.Ed.) या बीपीई (BPE) की डिग्री मान्य होगी. इस बार नियमों में कंप्यूटर विषय को भी शामिल किया गया है, जो भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक अहम बदलाव है.
पुरानी नियमावली की मांग कर रहे अभ्यर्थियों को झटका
टीजीटी भर्ती के नियमों में बदलाव से उन अभ्यर्थियों को निराशा हुई है, जो पुरानी नियमावली को दोबारा लागू करने और पुराने परीक्षा पैटर्न पर भर्ती कराने की मांग कर रहे थे. इन अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर से प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर स्थित धरनास्थल पर आमरण अनशन शुरू किया था.
इसके बाद 22 सितंबर को मुख्यमंत्री ने पुरानी नियमावली के संबंध में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखने की बात कही थी. हालांकि, अब शासन की ओर से नियमावली में संशोधन किए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भर्ती नए नियमों के आधार पर ही आगे बढ़ेगी. ऐसे में पुराने नियमों और परीक्षा पैटर्न की मांग कर रहे अभ्यर्थियों को झटका लगा है.
11,508 शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के बीच शिक्षामित्रों के लिए भी राहत भरी खबर आई है. सरकार ने उन्हें इस भर्ती में अधिकतम 60 साल की उम्र तक आवेदन करने की छूट देने का फैसला किया है. इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को निर्देश जारी किए गए हैं.
इस फैसले के बाद भर्ती में शामिल होने के इच्छुक शिक्षामित्र 60 साल की उम्र तक आवेदन कर सकेंगे. वहीं, सामान्य अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा पहले की तरह 21 से 40 साल निर्धारित है. सामान्य अभ्यर्थियों की उम्र की गणना 1 जुलाई के आधार पर की जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया फैसला
शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है. प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पहले शिक्षामित्र रेगुलर शिक्षकों की तरह काम कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें फिर से शिक्षामित्र के पद पर भेज दिया गया था. इससे उनके सामने नौकरी और भविष्य को लेकर कई तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई थीं.
इससे पहले भी शिक्षामित्रों को दो शिक्षक भर्तियों में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक यानी वेटेज का लाभ दिया जा चुका है. 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर विचार करने को कहा था. इसी के बाद सरकार ने उन्हें उम्र में छूट देने का फैसला किया है.
यूपी में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं. आयु सीमा में छूट मिलने से इनमें से एलिजिबल शिक्षामित्रों को 11,508 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती में आवेदन करने का अवसर मिल सकता है. हालांकि, भर्ती की अन्य जरूरी शर्तों को पूरा करना भी अनिवार्य होगा.
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ इस भर्ती में शिक्षामित्रों को 50 अंकों का वेटेज देने की मांग कर रहा है. अब इस मांग पर क्या फैसला होता है, इस पर भी अभ्यर्थियों की नजर रहेगी. बता दें कि प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में रेगुलर टीचर्स की रिटायरमेंट की उम्र 62 साल है, जबकि शिक्षामित्रों की रिटायरमेंट की उम्र 60 साल निर्धारित की गई है.