पिता की बीमारी ने बेटे को बना दिया ‘कोल्ड लेजर मैन ऑफ इंडिया’, बिना सर्जरी के कर रहे हैं सफल इलाज

पिता की बीमारी ने बेटे को बना दिया ‘कोल्ड लेजर मैन ऑफ इंडिया’, बिना सर्जरी के कर रहे हैं सफल इलाज


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पिता की बीमारी ने बेटे को बना दिया डॉक्टर, बिना सर्जरी के कर रहे हैं सफल इलाज

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पिता की गंभीर बीमारी ने एक बेटे को डॉक्टर बना दिया. उन्होंने कोल्ड लेजर थेरेपी की शुरुआत की. आज वे बिना सर्जरी के कई गंभीर बीमारियों का सफल इलाज कर रहे हैं. इस अनोखे काम के लिए उन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट में ‘कोल्ड लेजर मैन ऑफ इंडिया’ की उपाधि मिली है.

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नई दिल्लीः पिता की एक बीमारी ने एक बेटे को डॉक्टर बना दिया. वह भी ऐसा डॉक्टर की आज उन्हें भारत में कोल्ड लेजर मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है. यह उपाधि उन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट में दी गई थी. इनका नाम डॉ. श्याम रघुनंदन है, जोकि खुद को एक्सीडेंटल डॉक्टर कहते हैं, क्योंकि पिता की बीमारी की वजह से ही वह डॉक्टर बने. आज वह कोल्ड लेजर थेरेपी के जरिए लाखों लोगों का इलाज कर चुके हैं. बिना सर्जरी के लोगों को गंभीर बीमारियों में राहत दे रहे हैं. जिसमें स्पॉन्डिलाइटिस से लेकर रीढ़ की हड्डी, डायबिटीज, पिंपल, एक्ने, हेयर लॉस, रिंकल्स, जॉइंट डिसऑर्डर से लेकर तमाम बीमारियां शामिल है. लोगों को बड़ी संख्या में फायदा भी हो रहा है. हमने उनसे खास बातचीत की और जानना चाहा कि आखिर क्या है कोल्ड लेजर थेरेपी और कैसे वह कोल्ड लेजर मैन ऑफ इंडिया बने.

ऐसे बने कोल्ड लेजर मैन ऑफ इंडिया
डॉ. श्याम रघुनंदन ने बताया कि उनके पिता श्याम राव को रीढ़ की हड्डी में गंभीर बीमारी हो गई थी जिस वजह से वह हमेशा के लिए बेड पर निर्भर हो गए थे. 6 महीने तक उन्होंने अपने पिता को नहलाना से लेकर उनके सारे काम किए. उन्होंने बताया कि वह चाहते तो अपने पिता की सर्जरी करवा कर उन्हें ठीक कर सकते थे लेकिन पिता ने कसम खाई थी कि वह कभी भी सर्जरी नहीं करवाएंगे. तब इन 6 महीने के दौरान उन्होंने आयुर्वेद और एलोपैथी से लेकर जितने भी नेचुरोपैथी होते हैं सब कुछ इस्तेमाल कर लिया लेकिन पिता पर कोई फायदा नहीं हुआ.

फिर अमेरिका में मौजूद उनके दोस्त ने बताया कि पिता पर कोल्ड लेजर थेरेपी काम करेगी क्योंकि अमेरिका, कनाडा और यूके में इसका बड़ी संख्या में इस्तेमाल हो रहा है. लोगों को फायदा हो रहा है. तब अमेरिका में मौजूद डॉ. श्याम के दोस्त ने कनाडा के डॉक्टर डेविड से बात करवाई. डॉक्टर डेविड ने यह शर्त रखी की डॉक्टर श्याम रघुनंदन को दो डॉक्टर भारत बुलाने होंगे और इस मशीन को खरीदना होगा और इसका प्रचार करना होगा. अपने पिता के लिए हर तरह की शर्त डॉक्टर श्याम रघुनंदन मानने को तैयार थे. तब उन्होंने मशीन खरीदी और दो डॉक्टरों को बेंगलुरू स्थित अपने घर पर बुलाया. वहीं पर मशीन लगी और पिता का इलाज शुरू हुआ.

कोल्ड लेजर थेरेपी से चलने लगे पिता
डॉ. श्याम रघुनंदन ने बताया कि उनके पिता 6 महीने की कोल्ड लेजर थेरेपी से बैठे लगे थे और फिर धीमे-धीमे करके चलने भी लगे. आज 90 साल के वह हो चुके हैं और आज अपना पूरा काम सही तरीके से कर रहे हैं. उनकी मां रजनी श्याम भी पूरी तरह से फिट है. उन्होंने बताया कि कोल्ड लेजर थेरेपी में कोई सर्जरी नहीं होती. इसमें सिर्फ कोल्ड लेजर थेरेपी दी जाती है, जिससे लोगों को फायदा होता है. आज लाखों लोगों का वह इलाज कर चुके हैं. यह इलाज सर्जरी से काफी सस्ता भी होता है. फिलहाल उनका क्लीनिक दिल्ली के मालवीय नगर में है जिसका नाम त्रिशिका लाइफस्टाइल एंड पेन केयर सॉल्यूशन है. इससे पहले उन्होंने अपनी क्लीनिक का नाम संजीवनी सॉल्यूशन रखा था क्योंकि जिस तरह से लक्ष्मण जी को संजीवनी से फायदा हुआ था उसी तरह वह भी लोगों को संजीवनी दे रहे हैं जिस तरह उन्होंने अपने पिता को दी थी.

आधा घंटा वॉकिंग और लाफिंग है फायदेमंद
डॉ. श्याम रघुनंदन ने बताया कि लोगों को बीमारियों से दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका है रोज आधा घंटा वॉकिंग करें और लाफिंग करें. यानी हंसना और चलना यह दो चीज हैं जिसे करने से आप बीमारियों से मुक्त रह सकते हैं. रोज सुबह 6:00 से लेकर 7:00 तक की जो सूरज की किरणें होती है उसमें जरूर बैठें. वह भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है. इसके अलावा जल्दी सोना और जल्दी उठना शुरू करें. लेट नाइट जागना बंद कर दें. ज्यादा से ज्यादा पानी लें. इतना करने से ही आप सभी बीमारियों से दूर रहेंगे.



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