Delhi NCR Water Crisis: त्योहारी सीजन के बीच उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए जरूरी खबर है. हरिद्वार से निकलने वाली ऊपरी गंग नहर को मंगलवार आधी रात से सालाना मरम्मत कार्यों के चलते 18 दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. कानपुर तक जाने वाली इस नहर के बंद होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों और देश की राजधानी के कुछ इलाकों में पीने के पानी के साथ-साथ खेतों की सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है. यह नहर अब 7 और 8 नवंबर की दरमियानी रात यानी दीपावली के मौके पर दोबारा शुरू की जाएगी.
रंग-रोगन, पुलों की मरम्मत के लिए बंद हुई गंग नहर
हर साल की तरह दशहरा के मौके पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद मायापुर बैराज से गंग नहर के पानी को रोका है. इस 18 दिनों की वार्षिक बंदी के दौरान नहर के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जाएगा. सिंचाई विभाग नहर में रंग-रोगन, पुराने पुलों की मरम्मत, तलहटी में जमी सिल्ट की सफाई, सिंचाई के रजवाहों व नालों की मरम्मत और रेगुलेटरों में ग्रीसिंग-ऑयलिंग का तकनीकी काम पूरा करेगा. इसके अलावा, हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर मेला प्रशासन नए घाटों और पुलों के निर्माण कार्यों को भी इसी अवधि में पूरा करेगा.
कहां-कहां बढ़ेगा जल संकट और क्या दिखेगा असर?
कानपुर तक जाने वाली गंग नहर बंद होने से मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों सहित उत्तर प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में जल संकट देखने को मिलेगा. सबसे बड़ा झटका किसानों को लगेगा, क्योंकि इस समय कृषि सिंचाई के लिए पानी की कमी हो जाएगी. नहर में पानी न होने के कारण स्थानीय प्रशासन, आम नागरिकों और किसानों को जलापूर्ति के लिए पूरी तरह से रेनीवेल और ट्यूबवेल पर ही निर्भर रहना पड़ेगा.
वहीं दूसरी ओर, त्योहारी सीजन में नहर बंदी से स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. व्यापारियों का कहना है कि पानी की कमी से हरकी पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटेगी, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा. व्यापारी इस बंदी का विरोध भी कर रहे हैं.
हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए क्या है वैकल्पिक व्यवस्था?
नहर बंद होने के बावजूद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं. यूपी सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि नहर बंद रहने के दौरान भी हरकी पैड़ी पर 200 क्यूसेक जल लगातार उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए भगीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी तक पानी भेजा जा रहा है. यदि जलस्तर कम होता है, तो भीमगोड़ा बैराज के लिंक चैनल गेट खोलकर जल की मात्रा बढ़ाई जाएगी. एसडीओ भारत भूषण ने भी पुष्टि की है कि स्नानार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है.
कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार में महा-सफाई अभियान
गंग नहर बंदी के साथ ही हरिद्वार में आज से 7 नवंबर तक एक वृहद स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने 35 क्षेत्रों, संस्थाओं और विभागों के नोडल अधिकारी तैनात किए हैं. इस अभियान में शहर, गांव, गंगा घाट, धार्मिक स्थल, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सिडकुल और बीएचईएल परिसर तक की व्यापक सफाई की जाएगी. इसमें जनप्रतिनिधि, नागरिक, संत समाज और व्यापारिक संगठन मिलकर सहयोग कर रहे हैं.