योगी स्टाइल में दंगाइयों से निपटेंगी मेलोनी, पाई-पाई की वसूली, नपेंगे नाबालिग
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Italy Riots Meloni Applies Yogi Model: इस वक्त यूरोप जल रहा है और स्थिति ये है कि प्रदर्शन के नाम पर इकट्ठा हुई भीड़ दंगे-फसाद और लूट-खसोट कर रही है. ऐसे में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी इनसे निपटने का वही मॉडल लागू कर दिया है, जो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बनाया था. दंगे अपने रिस्क पर करो क्योंकि वसूली तुम्हारे बाप से भी कराई जाएगी.
इटली में दंगाइयों पर लगेगा योगी वाला मॉडल.
Italy Riots Meloni Applies Yogi Model: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दंगाइयों से निपटने के लिए जो फॉर्मूला लगाया था, उसकी चर्चा पूरे देश में हुई. इतना ही नहीं इसे दंगे का योगी मॉडल कहा गया, जिसे अलग-अलग राज्यों ने भी ऐसी परिस्थितियों में अपनाया. अब सीएम योगी का यही मॉडल दंगाइयों का इंटरनेशनल इलाज बन गया है. यूरोप में जिस तरह से प्रदर्शन के नाम पर दंगे-फसाद और तोड़फोड़ हुई, उसके बाद यहां के नेताओं ने योगी मॉडल की ही तर्ज पर न सिर्फ पहचान बल्कि वसूली की भी तैयारी कर ली है. फ्रांस के बाद अब इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने भी ब्लू प्रिंट बना लिया है कि उन्हें करना क्या है.
इटली में हिंसक प्रदर्शनों, दुकानों में लूटपाट और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने सख्त सुरक्षा उपायों को मंजूरी दी है. नए आदेश के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वालों को पांच साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक का जुर्माना हो सकता है. नाबालिगों की ओर से की गई तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता से कराने का भी प्रावधान है. इन कदमों की तुलना उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की दंगाइयों से नुकसान की वसूली वाली नीति से की जा रही है.
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी. (Credit-Reuters)
प्रदर्शन के नाम पर दंगा किया, तो भुगतोगे
- मेलोनी ने 20 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक के बाद नए सुरक्षा उपायों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दुकानों में लूटपाट, शीशे तोड़ना और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसी घटनाओं को किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता.
- नए प्रावधान के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति 5 या उससे अधिक लोगों के समूह में प्रदर्शन के दौरान पत्थर, पटाखे या डंडे फेंककर सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो उसे 5 साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक का जुर्माना हो सकता है.
- चेहरा ढककर हिंसा करने, किसी को घायल करने और समूह में तोड़फोड़ करने पर सजा और सख्त हो सकती है. आपको बता दें कि इटली में अभी नया कानून बना है, जिसके तहत सार्वजनिक जगहों पर चेहरा ढककर पहचान छिपाने पर पाबंदी है.
- मेलोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और हिंसा करने वालों को एक नजर से नहीं देखा जाएगा. सरकार के मुताबिक विरोध करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के नाम पर तोड़फोड़ और लूटपाट बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
नाबालिगों ने की तोड़फोड़, तो हर्जाना भरेंगे मां-बाप
मेलोनी सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई नाबालिग सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके माता-पिता से उसकी भरपाई कराई जा सकती है. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर प्रशासन भुगतान का आदेश भेज सकेगा. निजी संपत्ति के मामले में प्रभावित मालिक अदालत के जरिए मुआवजा मांग सकेगा. सरकार ने नाबालिगों को भी एहतियातन हिरासत में रखने का प्रावधान बढ़ाने का फैसला किया है. इसके अलावा अपराध करने वाले युवाओं के मामलों की सुनवाई के लिए अधिक न्यायाधीश और हिरासत केंद्रों में अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने की योजना है.
इटली में दंगों के दौरान तोड़-फोड़ की तो नहीं बचोगे. (रॉयटर्स)
AI उतारेगा दंगाइयों का नकाब
आपको बता दें कि वीकेंड में मिलान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. दुकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ की वजह से कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ. मेलोनी ने जानकारी दी है कि मिलान में करीब 200 सुरक्षाकर्मी घायल हुए और व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक, संपत्ति को लगभग 10 लाख यूरो का नुकसान हुआ. अब शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए साल के अंत तक 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाएंगे. सरकार ने प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक तकनीक और एआई के इस्तेमाल का भी जिक्र किया है.
क्या कहता है सीएम योगी आदित्यनाथ का दंगे के खिलाफ प्लान?
क्या है योगी सरकार के मॉडल से समानता?
- उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2020 में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से मुआवजा वसूलने के लिए कानून बनाया था, जो काफी चर्चा में रहा था.
- इसमें दंगों और प्रदर्शनों के दौरान हुई क्षति की भरपाई के लिए दावा न्यायाधिकरण की व्यवस्था है. नुकसान का आकलन और वसूली के लिए लखनऊ और मेरठ में क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है.ट्रिब्यूनल को आरोपी की संपत्ति कुर्क करने, हर्जाना वसूलने और सार्वजनिक रूप से उनके नाम-पते प्रदर्शित करने का अधिकार है.
- इटली के नए उपायों में भी नुकसान की वसूली और हिंसा पर सख्त सजा देने पर जोर है. इसी वजह से दोनों नीतियों की तुलना हो रही है. हालांकि मेलोनी सरकार के फैसले में नाबालिगों के माता-पिता की वित्तीय जिम्मेदारी, प्रदर्शन के दौरान हिंसा के लिए अलग अपराध और अतिरिक्त सैन्य तैनाती जैसे प्रावधान भी हैं.