Exclusive: ट्रेड डील में क्या भारत को दूसरों के मुकाबले बेहतर टैरिफ मिलेगा? मार्को रुबियो ने बताई अमेरिका की मंशा

Exclusive: ट्रेड डील में क्या भारत को दूसरों के मुकाबले बेहतर टैरिफ मिलेगा? मार्को रुबियो ने बताई अमेरिका की मंशा


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Marco Rubio Exclusive Interview: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील को लेकर अमेरिका का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है. Network18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए खास इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि समझौते में कुछ ऐसी बातें हो सकती हैं जो शायद पसंद न आएं, लेकिन कुल मिलाकर इसका अधिकांश हिस्सा दोनों देशों के फायदे में होना चाहिए.

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मार्को रूबियो ने कहा कि उन्‍हें भारत-अमेरिका समझौता होने का बेसब्री से इंतजार है.

Marco Rubio Exclusive Interview: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इस समय भारत यात्रा पर हैं. भारत के साथ अमेर‍िका के र‍िश्तों के ल‍िए यह दौरा बेहद महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है. मंगलवार को मार्को रूब‍ियो ने Network18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत की. इस इंटरव्‍यू में उन्‍होंने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील और टैरिफ पर खुलकर बात की. यह पूछे जाने पर कि क्‍या भारत को दूसरे देशों की तुलना में कुछ बेहतर टैरिफ दरें मिलने की उम्मीद करनी चाहिए, मार्को रूबियो ने कहा कि किसी भी समझौते का उद्देश्य मौजूदा दरों की तुलना में बेहतर टैरिफ हासिल करना होता है. लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि भारत और अमेरिका के ट्रेड र‍िलेशन टिकाऊ हों और लंबे समय तक बने रहें.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोनों पक्षों के हितों के संतुलन की बात कहते हुए कहा कि अमेरिका की विदेश और व्यापार नीति इस समझ पर आधारित है कि हर देश के अपने राष्ट्रीय हित होते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी तरह यह अपेक्षा करता है कि भारत और अन्‍य वे देश जिनके साथ अमेरिका बातचीत कर रहा है, वे सभी अपने हितों की रक्षा करेंगे और अपने लिए सर्वश्रेष्ठ पाने की कोशिश करेंगे. इसी तरह, हम भी अपने हितों के लिए प्रयास करेंगे.

मित्रता और साझेदारी मतभेद दूर करने में सहायक

मार्को रूबियो ने दोनों देशों के रिश्तों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब दो देश मित्र और सहयोगी होते हैं और उनके बीच कई समानताएं होती हैं, तो यह साझेदारी मतभेदों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाती है. ऐसी स्थिति में ऐसा समाधान निकालना संभव हो जाता है जो दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित हो.

दोनों के हित में होने वाला समझौता ही होगा टिकाऊ

मार्को रूबिया ने कहा कि भारत या किसी भी अन्य देश के साथ व्यापार समझौता तभी लंबे समय तक टिकाऊ रह सकता है, जब वह दोनों पक्षों के हितों की पूर्ति करता हो. व्यापार समझौते की जटिलताओं पर बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्वीकार किया कि किसी भी समझौते में कुछ ऐसे बिंदु हो सकते हैं जो पूरी तरह मनमुताबिक न हों, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि समझौते का अधिकांश हिस्सा दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होना चाहिए.



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