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Rewa Dussehra 2026: रीवा के दशहरे में रावण परिवार के पुतले बनाने वाले कारीगर शेषमणि दहिया ने लोकल 18 से कहा कि रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को बनाने के लिए कारीगरों और मजदूरों ने लगातार काम किया. मजदूरों ने पुतलों के ढांचे तैयार करने से लेकर उनकी सजावट तक की जिम्मेदारी संभाली और अब आज 20 अक्टूबर को इनका दहन किया जाएगा.
रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा में दशहरा उत्सव को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं. इस बार यहां 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा. वहीं कुंभकरण और मेघनाद के 50-50 फीट ऊंचे पुतले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे. तीनों पुतलों को तैयार करने में डेढ़ महीने का समय लगा. इन्हें बनाने और सजाने में 140 मजदूरों ने मेहनत की है.
मध्य प्रदेश के रीवा में विजयादशमी को लेकर उत्साह का माहौल है. शहर के एनसीसी मैदान में भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा. यहां 45 साल पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए रावण दहन किया जाएगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. रीवा में आयोजित होने वाले इस दशहरा उत्सव में 55 फीट ऊंचे रावण के साथ 50-50 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा. इन विशालकाय पुतलों को तैयार करने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा है और इस काम में लगभग 140 मजदूरों को लगाया गया था.
कारीगरों की मेहनत
कारीगर शेषमणि दहिया ने लोकल 18 से कहा कि रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को बनाने के लिए कारीगरों और मजदूरों ने लगातार काम किया. मजदूरों ने पुतलों के ढांचे तैयार करने से लेकर उनकी सजावट तक की जिम्मेदारी संभाली और अब दशहरा उत्सव के दौरान इनका दहन किया जाएगा.
राजघराने की परंपरा
रीवा में दशहरा उत्सव के दौरान राजघराने से जुड़े किला परिसर में गद्दी पूजन किया जाता है. इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की झांकी के साथ चल समारोह निकाला जाता है, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचता है. मैदान में धार्मिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद रावण दहन होता है. एनसीसी मैदान में दशहरा उत्सव के दौरान रावण दहन की यह परंपरा पिछले 45 वर्षों से चली आ रही है. आज 20 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन में रावण वध का दृश्य दिखाया जाएगा. लोग परिवार के साथ मैदान पहुंचकर विजयादशमी का पर्व मनाएंगे.