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मुजफ्फरनगर के बहुचर्चित थप्पड़ कांड के पीड़ित बच्चे का खर्च अब योगी सरकार उठाएगी. सरकार ने बच्चे की पढ़ाई व अन्य खर्चों के लिए 1 लाख 38 हजार रुपये की एकमुश्त किश्त जारी कर दिया है. यह पूरा मामला साल 2023 का है, जब स्कूल प्रिंसिपल ने बच्चे को दूसरों बच्चे से थप्पड़ मरवाए थे.
मुजफ्फरनगर में बच्चे को प्रिंसिपल ने दूसरे बच्चों से थप्पड़ मरवाए थे.
मुजफ्फरनगरः उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बहुचर्चित थप्पड़ कांड के पीड़ित मुस्लिम छात्र को बड़ी राहत मिली है. उसकी शिक्षा, ड्रेस, पाठ्य-सामग्री और यातायात के खर्च की पूरी जिम्मेदारी यूपी प्रशासन के हाथों सौंपी गई है. थप्पड़ वाली घटना के करीब ढाई साल बाद सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए राज्य सरकार ने बच्चे की शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए 1 लाख 38 हजार रुपये की धनराशि जारी कर दी है. इस बजट के जारी होने से बेसिक शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन को बड़ी राहत मिली है.
बता दें कि साल 2023 में मुजफ्फरनगर जिले के मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर में साल 2023 में नेहा पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्र को प्रधानाचार्या ने दूसरे छात्र से थप्पड़ लगवाए थे. इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जो खूब वायरल हुआ था और फिर बवाल मचा था. घटना के बाद पीड़ित छात्र का एडमिशन शहर के बड़े नामचीन स्कूलों में शामिल शारदेन स्कूल में तुरंत बीएसए शुभम शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराया था.
पहले तो बच्चे की पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च बेसिक शिक्षा विभाग अपने लेवल पर उठा रहा था. इसके बाद बच्ची की स्कूल फीस का जिम्मा सैय्यद मुर्तजा मेमोरियल ट्रस्ट ने लिया था. हालांकि ट्रस्ट की तरफ से कई बार समय पर फीस नहीं जमा करने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई. बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर बच्चे के लिए खास बजट की मांग की गई थी. शासन से अब 1 लाख 38 हजार रुपये की राशि सीधे मंजूर कर दी गई है, जिससे स्कूल की बची हुई फीस, नई ड्रेस, मोजे, स्टेशनरी और अन्य स्टडी मटेरियल की व्यवस्था की जा रही है.