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Samrat Chaudhary-Nishant Kumar Politics: पटना के बापू सभागार में लव-कुश सम्मान समारोह के बहाने बिहार की सियासत का खास सामाजिक समीकरण फिर चर्चा में आ गया. एक मंच पर जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और निशांत कुमार नजर आए तो मंच से लव-कुश एकता, नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत और एनडीए की एकजुटता की बात हुई. सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने जो रास्ता दिखाया है, उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, तो निशांत कुमार ने कहा कि लव-कुश की एकता से शुरू हुई राजनीति ने समाज के हर वर्ग का भरोसा जीतने का काम किया है. ऐसे में सम्मान समारोह के मंच से निकले दोनों नेताओं के बयान बिहार की मौजूदा सियासत के लिहाज से खास रहे. पूरी खबर आगे विस्तार से पढ़िए.
पटना के बापू सभागार में लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एवं अन्य.
पटना के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में बिहार की सियासत के कई बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, निशांत कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, मंत्री शीला मंडल और संजय गांधी समेत बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे. मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लव-कुश समाज की एकता से लेकर बिहार के विकास तक की बात की और NDA के सहयोगी दलों के बीच एकजुटता का संदेश भी दिया. सीएम सम्राट ने कहा कि जब लव-कुश सम्मेलन हुआ था, उसी दौर में समता पार्टी का गठन हुआ. बिहार की राजनीति में 1994 का दौर कुर्मी-कोइरी एकजुटता और समता पार्टी के गठन से जुड़ा रहा है. बाद में यही सामाजिक समीकरण बिहार की राजनीति में लव-कुश के नाम से चर्चित हुआ. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समृद्ध बिहार और समृद्ध भारत की कल्पना करनी है तो सभी को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि 1994 में भी लव-कुश समाज एक था और आज भी एक है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राजनीति केवल लव-कुश तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की बात है.
‘नीतीश कुमार ने जो रास्ता दिखाया, उसी पर आगे बढ़ रहे’
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने जो रास्ता दिखाया, उसी रास्ते पर आगे बढ़ने का काम हो रहा है. उन्होंने उस दौर को भी याद किया जब बिहार के बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ उपेंद्र कुशवाहा और श्रवण कुमार जैसे नेताओं की आंखों में भी आंसू थे. उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा पर लगातार काम किया जा रहा है. डिग्री कॉलेज खोलने से लेकर आधुनिक स्कूलों तक की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बच्चों की पढ़ाई के लिए बनाए गए ऐप का भी जिक्र किया और कहा कि आज लाखों बच्चे उसका इस्तेमाल कर रहे हैं.
‘पांच उंगलियां अलग हैं, लेकिन मुट्ठी बन जाएं तो ताकत बढ़ती है’
सम्राट चौधरी का सबसे राजनीतिक संदेश एनडीए के सहयोगियों को एकजुट रहने को लेकर रहा. उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर चुनाव लड़े तो शानदार जीत हासिल हुई. उन्होंने पांच पांडवों का उदाहरण देते हुए कहा कि साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर लगातार बेहतर परिणाम मिले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच उंगलियां एक जैसी नहीं होतीं, लेकिन जब वे मुट्ठी बनती हैं तो कोई ताकत उन्हें हरा नहीं सकती. उनके इस बयान को NDA के सहयोगी दलों के बीच एकजुटता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह कि सीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में गठबंधन के भीतर अलग-अलग मुद्दों पर नेताओं के बयान लगातार चर्चा में हैं.
निशांत कुमार बोले- प्रतिभा को आगे बढ़ाने की जरूरत
समारोह में निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाओं को बेहतर अवसर और आवास मिले ताकि वे आगे बढ़ सकें. उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज के लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर काफी आगे बढ़ने का काम किया है. निशांत कुमार ने नीतीश कुमार के समावेशी विकास और युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि करीब 20 साल पहले बिहार की स्थिति क्या थी, यह सभी जानते हैं और अब राज्य विकसित बिहार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति की तस्वीर बदली और लव-कुश की एकता से शुरू हुआ राजनीतिक सफर समाज के दूसरे वर्गों का भरोसा जीतने तक पहुंचा.
लव-कुश सम्मान समारोह से विकास और एकता का संदेश
दरअसल, बापू सभागार का यह आयोजन सिर्फ सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा. मंच से लव-कुश सामाजिक समीकरण की पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि, नीतीश कुमार की विरासत, बिहार के विकास और NDA की एकजुटता को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दी. सम्राट चौधरी ने विकास के साथ सामाजिक एकता को आगे रखा, जबकि निशांत कुमार ने नीतीश कुमार के काम और विरासत को रेखांकित किया.