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पटना के मनेर में बदमाशों ने डबल शूटआउट को अंजाम दिया है. अपराधियों ने पैक्स अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या कर दी और प्रखंड प्रमुख के पति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे पंचायत चुनावी रंजिश की बात सामने आ रही है. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है.
सांकेतिक फोटो
पटना: राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां वयापुर इलाके में अपराधियों ने दुस्साहसिक तरीके से गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया है. इस डबल शूटआउट में बदमाशों ने प्रखंड प्रमुख के पति और पैक्स अध्यक्ष को निशाना बनाया. इस गोलीकांड में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भानु की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रखंड प्रमुख के पति पिंटू कुमार उर्फ प्वाइजन गंभीर रूप से घायल हैं. उनका इलाज दानापुर के सगुना मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है. इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
दलान पर बैठे थे दोनों, बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच पिंटू कुमार उर्फ प्वाइजन और पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भानु अपने दलान पर बैठे हुए थे. इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर चार अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे. बदमाशों ने दोनों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि अपराधियों ने मौके पर करीब एक दर्जन राउंड गोलियां चलाईं. गोलियां लगने से दोनों लहूलुहान होकर गिर पड़े. इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में इलाज के दौरान पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भानु ने दम तोड़ दिया. वहीं, प्रखंड प्रमुख पति पिंटू कुमार उर्फ प्वाइजन की जांघ में गोली लगी है और उनका इलाज जारी है.
पुलिस कर रही है सभी पहलुओं पर जांच
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है. पुलिस राजनीतिक रंजिश और पंचायत स्तर के विवादों को लेकर गहराई से जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रखंड प्रमुख के पति और उनके रिश्तेदार पैक्स अध्यक्ष को एक साथ निशाना बनाए जाने के पीछे असली वजह क्या थी. क्या इस वारदात के पीछे पुरानी अदावत है, राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई है या फिर पंचायत चुनाव से जुड़ी कोई रंजिश है? पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है.
अपराधियों की हो चुकी है पहचान
दानापुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 (SDPO-2) अमरेंद्र कुमार झा के अनुसार, इस हत्या और गोलीबारी की मुख्य वजह पंचायत चुनावी रंजिश सामने आ रही है. उन्होंने बताया कि अपराधियों की पहचान की जा चुकी है. गांव के ही एक ही जाति के और चुनावी प्रतिद्वंदी को इस गोलीकांड में आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तेजी से कार्रवाई की जा रही है.
एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी. घटनास्थल से पुलिस ने कई खाली कारतूस के खोखे बरामद किए हैं. वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम को भी बुलाया गया था. एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से आवश्यक नमूने एकत्र किए हैं. इसके अलावा पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि अपराधियों की पहचान पुख्ता हो सके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके.
फिलहाल इस बड़े गोलीकांड ने मनेर की कानून-व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व के विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है.