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Greater Noida Family Death News: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि इन पांच लोगों की मौत न तो फूड प्वाइजनिंग से हुई है और न ही किसी ने हत्या की है. अब सवाल यह है कि आखिर इन पांच लोगों की मौत फिर कैसे हुई है.
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई.
ग्रेटर नोएडाः उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में पांच लोगों की मौत को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. पांचों मृतकों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कुछ सामने नहीं आया. इसके बाद सभी के विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है. हालांकि अब पुलिस ने इन सामूहिक मौतों को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत न तो चाय-मैगी खाने से यानी कि फूड प्वाइजनिंग से हुई है और न ही हत्या की गई है. बल्कि प्रताड़ना से तंग आकर पति-पत्नी और बच्चों ने खुदकुशी की है.
पुलिस ने मृतक की दो बहनों और बहनोई को गिरफ्तार किया
हालांंकि इस मामले में पुलिस ने मृतक की दो बहन और एक बहनोई को गिरफ्तार कर लिया है. प्रथम दृष्टया पुलिस को भी यही लगा था कि मामला फूड प्वाइजनिंग का है. लेकिन मृतक पिता के मोबाइल फोन से पुलिस को एक ऑडियो मिला, जिससे यह साफ हो गया कि प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने खुदकुशी की है. महेश के फोन में जो ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, उसमें उसने बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को परिवार की मौत का ज़िम्मेदार बताया था.
मकान छिन जाने से डिप्रेशन में था महेश
इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक महेश की बहन सुनीता ने मां को अपने प्रभाव में लेकर वह मकान अपने नाम करा लिया था, जिसमें महेश परिवार समेत रहता था. मकान छिन जाने से महेश गहरे मानसिक तनाव में था.
मृतकों में कौन-कौन शामिल
1-महेश पुत्र कृष्ण, उम्र करीब 37 वर्ष।
2. ललिता पत्नी महेश, उम्र करीब 35 वर्ष।
3. लड्डू उर्फ साक्षात पुत्र महेश, उम्र करीब 11 वर्ष।
4. मिस्टी पुत्री महेश, उम्र करीब 07 वर्ष।
5. रियांश पुत्र महेश, उम्र करीब 03 वर्ष।
क्या हुआ था 16 अक्टूबर की रात को
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उक्त सभी दिनांक 16.10.2026 की रात्रि में बाहर से घर आए, खाना खाकर सो गए तथा अगले दिन प्रातः मृत अवस्था में पाए गए. घटनास्थल पर एफएसएल एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बुलाकर आवश्यक जाँच कराई गई. पंचायतनामा की कार्रवाई के उपरांत पाँचों शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया. चिकित्सकों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई. चिकित्सकों द्वारा सभी पाँचों शवों के विसरा सुरक्षित किए गए हैं, जिन्हें परीक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है.