सर्दियों में सूखने लगती हैं पौधों की पत्तियां?, नर्सरी एक्सपर्ट से जानें बचाने के आसान तरीके

सर्दियों में सूखने लगती हैं पौधों की पत्तियां?, नर्सरी एक्सपर्ट से जानें बचाने के आसान तरीके


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सर्दियों में गिरता तापमान, ठंडी हवाएं और लगातार कोहरा इंसानों के साथ पेड़-पौधों की सेहत पर भी असर डालते हैं. इस मौसम में कई इनडोर और आउटडोर पौधों की पत्तियां सूखने लगती हैं, उनकी ग्रोथ धीमी हो जाती है और अधिक नमी के कारण जड़ों में सड़न की समस्या भी हो सकती है. बोकारो स्थित ठाकुर नर्सरी के एक्सपर्ट अभिषेक के मुताबिक, क्रोटन, रबर प्लांट और एग्लोनिमा जैसे पौधों को सर्दियों में खास देखभाल की जरूरत होती है. ऐसे में पौधों को ठंडी हवाओं से बचाने, सुबह की हल्की धूप देने और मिट्टी सूखने पर ही पानी डालने जैसी सावधानियां अपनाकर उन्हें दिसंबर और जनवरी की कड़ाके की ठंड में भी स्वस्थ रखा जा सकता है.

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सर्दियों के दौरान लगातार पाला, ठंडी हवाएं और कोहरा न सिर्फ इंसानों बल्कि पेड़-पौधों को भी प्रभावित करता है. खासकर इनडोर और आउटडोर प्लांट्स में तापमान गिरने के कारण पौधों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और कई पौधों की पत्तियां सूखकर झड़ने लगती हैं. अधिक ठंड पड़ने पर पौधे मुरझाकर कमजोर भी हो जाते हैं. ऐसे में बोकारो स्थित ठाकुर नर्सरी के एक्सपर्ट अभिषेक ने सर्दियों के दौरान इनडोर और आउटडोर पौधों की विशेष देखभाल को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में कुछ पौधे तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं से ज्यादा प्रभावित होते हैं, इसलिए सर्दियों में इन पौधों की देखभाल में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है

अभिषेक के अनुसार सर्दियों में क्रोटन, रबर प्लांट, एग्लोनिमा, फिगमा प्लांट और टेबल मधुकामिनी जैसे पौधों पर ठंड का अधिक असर देखने को मिलता है. लगातार ठंडी हवा लगने से इन पौधों की पत्तियों के किनारे सूखने लगते हैं और धीरे-धीरे पत्तियां झड़ सकती हैं. इसके अलावा दिसंबर और जनवरी में अधिक ठंड और लगातार कोहरे के कारण कुछ पौधे डॉर्मेंसी यानी सुप्त अवस्था में चले जाते हैं. इस दौरान पौधों में नई पत्तियों की ग्रोथ काफी धीमी हो जाती है. कई बार पौधा बाहर से कमजोर और रुका हुआ दिखाई देता है.

सर्दियों में पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे पहले गमले की ऊपरी करीब एक सेंटीमीटर मिट्टी को हल्के हाथों से हटा सकते हैं. इसके बाद जरूरत के अनुसार गोबर की अच्छी तरह सड़ी हुई खाद और सरसों खली का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे मिट्टी को पोषक तत्व मिलते हैं और पौधे को मजबूती देने में मदद मिलती है.

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सर्दियों में पौधों को सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचाना चाहिए. खासकर रात के समय गमलों को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां सीधे ठंडी हवाएं न लगें. इसके लिए गमलों को दीवार के पास या सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकता है. ठंड में पौधों को सुबह की हल्की धूप दिलाने की कोशिश करनी चाहिए. धूप मिलने से पौधों को पर्याप्त रोशनी मिलती है और उनकी सामान्य ग्रोथ में मदद मिलती है. हालांकि, ऐसे पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार ही धूप में रखना चाहिए, जिन्हें ज्यादा सीधी धूप की जरूरत नहीं होती.

इस समय पौधों को पानी देने में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. पौधे में पानी तभी डालें, जब गमले की मिट्टी पर्याप्त रूप से सूख गई हो. लगातार गीली मिट्टी में पानी डालते रहने से गमले में नमी अधिक हो सकती है और जड़ों में सड़न की समस्या पैदा हो सकती है.

अभिषेक के अनुसार बहुत अधिक ठंड के दौरान पौधों की कटिंग करने और फूल वाले पौधों को एक गमले से दूसरे गमले में रिपॉट करने से भी बचना चाहिए. तापमान कम होने पर पौधों की ग्रोथ पहले से धीमी रहती है. ऐसे समय पर कटिंग या रिपॉटिंग करने से पौधे को नए वातावरण में स्थापित होने में परेशानी हो सकती है और वह कमजोर पड़ सकता है. इसलिए दिसंबर और जनवरी में पौधों को ठंडी हवा और अत्यधिक नमी से बचाने के साथ पर्याप्त रोशनी देना और जरूरत के अनुसार ही पानी देना जरूरी है. थोड़ी सावधानी बरतकर सर्दियों में भी इनडोर और आउटडोर पौधों को स्वस्थ रखा जा सकता है.

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