CAT Exam Mock Test Analysis: कैट मॉक टेस्ट में कम नंबर से परेशान हैं? इन 5 स्टेप्स से करिए एनालिसिस, सीधे दिखेंगे 99% पर्सेंटाइल

CAT Exam Mock Test Analysis: कैट मॉक टेस्ट में कम नंबर से परेशान हैं? इन 5 स्टेप्स से करिए एनालिसिस, सीधे दिखेंगे 99% पर्सेंटाइल


नई दिल्ली (CAT Exam Mock Test Analysis). कैट परीक्षा की तैयारी कर रहे ज्यादातर एमबीए एस्पिरेंट की जुबान पर एक ही बात होती है- मॉक टेस्ट में नंबर नहीं बढ़ रहे! लोग धड़ाधड़ मॉक टेस्ट देते हैं, कोई 10 तो कोई 15 टेस्ट दे चुका है, लेकिन स्कोर वहीं का वहीं अटका है. क्वांट (QA) या DILR के कठिन सेट देखकर कई अभ्यर्थियों के पसीने छूटने लगते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो अपनी स्ट्रैटेजी पर गौर कीजिए. सिर्फ मॉक टेस्ट देना आधी जीत है, असल खेल तो टेस्ट के बाद शुरू होता है.

कैट मॉक टेस्ट का एनालिसिस कैसे करें?

कैट मॉक टेस्ट देकर उसका एनालिसिस करना जरूरी है. इससे अपनी गलतियां समझने में मदद मिलती है. साथ ही उनमें सुधार की गुंजाइश भी बढ़ती है. जानिए कैट मॉक टेस्ट एनालाइज करके बेस्ट मार्क्स स्कोर करने के 5 टिप्स:

स्टेप 1: तैयार करें ‘नॉट अटेम्प्टेड’ सवालों का कच्चा-चिट्ठा

कैट मॉक टेस्ट सबमिट करने के बाद सबसे पहले उन सवालों पर आएं जो आपने छोड़े थे. खुद से पूछिए कि क्या समय की कमी के कारण छोड़े या सवाल देखते ही दिमाग की बत्ती गुल हो गई थी? अगर समय की कमी थी तो इसका मतलब है कि टाइम मैनेजमेंट या क्वेश्चन सिलेक्शन में कमी है. अगर कॉन्सेप्ट ही नहीं पता था तो उसे अपनी नोटबुक में नोट करें और तुरंत उस टॉपिक के बेसिक्स रिवाइज करें.

स्टेप 2: सिली मिस्टेक्स का बनाएं ‘लॉग’

कैट यानी कॉमन एडमिशन टेस्ट में सबसे बड़ा दुश्मन आपका अपना ओवरकॉन्फिडेंस और जल्दबाजी होती है. कैलकुलेशन में माइनस-प्लस की गलती, सवाल ठीक से न पढ़ना (जैसे ‘Which of the following is NOT correct’ में ‘NOT’ पढ़ना भूल जाना) सिली मिस्टेक्स कहलाती हैं. ‘Mistake Log’ नाम की एक अलग डायरी बनाएं. हर मॉक टेस्ट के बाद अपनी सिली मिस्टेक्स को वहां लाल पेन से लिखें. यकीन मानिए, हफ्ते में दो बार इसे पढ़ने से वैसी बेवकूफी भरी गलतियां दोबारा नहीं होंगी.

स्टेप 3: ईगो ट्रैप से आएं बाहर

क्वांट या डीआईएलआर में कई बार अभ्यर्थी किसी एक सवाल को अपनी ईगो पर ले लेते हैं- अरे! यह सवाल मुझसे कैसे नहीं बन रहा, 5 मिनट तो हो गए. यही जाल आपके बाकी आसान सवाल छुड़वा देता है. कैट मॉक टेस्ट का एनालिसिस करते वक्त देखिए कि क्या आपने किसी ऐसे सवाल में 7-8 मिनट बर्बाद किए जो आखिर में गलत हुआ? कैट में ‘सवाल छोड़ने की कला’ ही सबसे बड़ा हुनर है.

स्टेप 4: निगेटिव मार्किंग पर कसें लगाम

कैट में 33% सवाल भी सही कर लिए जाएं तो 99 पर्सेंटाइल पक्के हो जाते हैं. इसके बावजूद उम्मीदवार अंधाधुंध तुक्केबाजी या गेसवर्क करते हैं. कैट मॉक टेस्ट का एनालिसिस करते वक्त चेक करें कि आपके कितने सवाल तुक्के या जल्दबाजी में गलत हुए. आईआईएम प्रवेश परीक्षा में एक्यूरेसी को सुधारने के लिए तय करें कि जब तक 80-90% श्योरिटी न हो, तब तक ऑप्शन टिक नहीं करेंगे.

स्टेप 5: समझें री-सॉल्विंग का नियम

कैट मॉक टेस्ट देने के दौरान जो सवाल आपसे नहीं बने या गलत हुए, उन्हें बिना सॉल्यूशन देखे दोबारा कॉपी-पेन लेकर खुद सॉल्व करें. वीडियो सॉल्यूशन देखना आसान होता है, लेकिन जब तक आप अपने हाथ से पेन नहीं चलाएंगे, दिमाग के ताले नहीं खुलेंगे. अगले मॉक टेस्ट से पहले उन पुराने गलत सवालों को एक बार फिर से प्रैक्टिस करें.

मॉक एनालिसिस का अचूक नियम

3 घंटे का कैट मॉक देने के बाद कम से कम 2 घंटे उसकी एनालिसिस में लगाएं. अगर आप 3 घंटे का टेस्ट देकर सिर्फ 15 मिनट स्कोरकार्ड देखते हैं तो अपनी तैयारी के साथ बेईमानी कर रहे हैं. कैट मॉक टेस्ट एनालिसिस ही असल तैयारी को बेनकाब करता है.



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