ऑफ सीजन के लिए ये है नेनुआ की बेस्ट वेरायटी, खेती से होगा बंपर मुनाफा; भागलपुर के किसान की सलाह

ऑफ सीजन के लिए ये है नेनुआ की बेस्ट वेरायटी, खेती से होगा बंपर मुनाफा; भागलपुर के किसान की सलाह


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ऑफ सीजन के लिए ये है नेनुआ की बेस्ट वेरायटी, खेती से होगा बंपर मुनाफा

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भागलपुर के किसानों के अनुसार नेनुआ की पूसा चिकनी, पूसा नसदार और क्लॉज जैसी हाइब्रिड किस्में अधिक मुनाफा देती हैं. ये किस्में ज्यादा फलन और बेहतर वजन प्रदान करती हैं. सही बीज चयन और नीम तेल व स्टिकी ट्रैप से कीट प्रबंधन कर किसान बंपर पैदावार हासिल कर सकते हैं.

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भागलपुरः आज के समय में युवा सिर्फ सरकारी या निजी नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वरोजगार और आधुनिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. पारंपरिक खेती में कम आमदनी मिलने के कारण किसान अब नई तकनीक और उन्नत किस्मों की खेती अपनाने लगे हैं. खासकर भागलपुर जिले में सब्जियों की खेती का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. बड़ी संख्या में युवा किसान कम समय में बेहतर मुनाफा कमाने के लिए सब्जियों की खेती कर रहे हैं. हालांकि, सब्जी की खेती में सफलता पाने के लिए सही बीज का चयन, समय पर देखभाल और कीट प्रबंधन बेहद जरूरी होता है.

नेनुआ की इन किस्मों से बेहतर मुनाफा
यदि किसान इन बातों का ध्यान रखें, तो सब्जी की खेती से अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है. ऐसे में आज हम नेनुआ (तोरई) की उन किस्मों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी खेती भागलपुर क्षेत्र में किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो सकती है. खेती शुरू करने से पहले कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान अपनी मिट्टी की जांच जरूर करा लें. इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता का पता चलता है और यह भी समझ में आता है कि कौन-सी किस्म उस खेत के लिए सबसे उपयुक्त रहेगी. सही किस्म का चुनाव करने से पैदावार बढ़ती है और किसानों को बेहतर मुनाफा मिलता है.

देसी नेनुआ स्वाद में बेहतर
भागलपुर के प्रगतिशील किसान गुंजेश गुंजन ने बताया कि नेनुआ की खेती में किसान देसी और हाइब्रिड दोनों तरह की किस्में लगा सकते हैं. दोनों किस्मों में अच्छी पैदावार होती है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बाजार में किस किस्म की मांग और कीमत अधिक मिल रही है. उन्होंने बताया कि आज के समय में ग्राहक केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि सब्जी की गुणवत्ता, आकार और आकर्षक रूप को भी महत्व देते हैं. देसी नेनुआ स्वाद में बेहतर होता है, लेकिन उसका आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है और उसकी बाहरी बनावट उतनी आकर्षक नहीं होती. इसके कारण कई बार बाजार में इसकी मांग हाइब्रिड किस्मों की तुलना में कम रहती है.

उन्नत किस्मों की खेती
अगर भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों की बात करें तो किसान पूसा चिकनी और पूसा नसदार जैसी उन्नत किस्मों की खेती कर सकते हैं. वहीं हाइब्रिड किस्मों में क्लॉज (Clause) और हाइब्रिड-389 बेहतर विकल्प माने जाते हैं. इन किस्मों में फलन अधिक होता है और फलों का वजन भी सामान्य किस्मों की तुलना में ज्यादा रहता है. अधिक वजन होने के कारण किसानों को प्रति फसल बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा मिलता है.

सही देखभाल से बढ़ेगा उत्पादन
गुंजेश गुंजन का कहना है कि नेनुआ की खेती में सबसे बड़ी चुनौती कीटों से फसल की सुरक्षा करना है. यदि किसान समय रहते कीट प्रबंधन पर ध्यान दें, तो लंबे समय तक लगातार अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि फसल को कीटों से बचाने के लिए नीम तेल का छिड़काव, येलो स्टिकी ट्रैप (स्टिकी स्टिक) और फ्रूट कवर (फ्रूट कैप) जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है. इन उपायों से कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम किया जा सकता है और फसल की गुणवत्ता भी बनी रहती है.



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