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नर्स स्नेहलता पांडे मर्डर केस में नया मोड़ आया है. पचनदा नदी से तीन शव मिलने के बाद पुलिस एक महिला की पहचान करने में जुटी है. इस बीच स्नेहलता के पिता ने लिव-इन पार्टनर सत्यप्रकाश जाटव पर शादी और नौकरी का झांसा देने, पहचान छिपाने और बेटी की हत्या करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार ने आरोपी को फांसी देने और स्नेहलता के 10 महीने के बेटे को सौंपने की मांग की है. बच्चे की कस्टडी को लेकर स्नेहलता के मायके और आरोपी की पत्नी के बीच भी विवाद हुआ. बच्चे को बालगृह में भेज दिया गया है.
स्नेहलता की हत्या करे वाला आरोपी सत्यप्रकाश.
भिंड. नर्स स्नेहलता पांडे मर्डर केस में नया मोड़ आया है. पचनदा नदी से पुलिस को तीन शव मिल हैं, जिनमें से दो शव पुरुषों के थे और एक शव एक महिला का है. इस महिला की शिनाख्त की जा रही है. स्नेहलता के लिव इन पार्टनर रहे आरोपी सत्यप्रकाश से पुलिस पूछताछ कर रही है कि कहीं उसने रास्ते में महिला के कपड़े तो नहीं बदले थे. दरअसल, जिस महिला का शव मिला है, वह क्षत-विक्षत हालात में मिला है. कपड़ों से पुलिस या स्नेहलता के पेरेंट्स नहीं पहचान पा रहे हैं. वहीं, स्नेहलता के पेरेंट्स और भाई बिहार के नालंदा से भिंड पहुंच गए हैं.
स्नेहलता पांडे के पिता संजय पांडे ने न्यूज18 हिंदी से एक्सक्लुसिव बातचीत में कहा, “सत्यप्रकाश जाटव भिंड में जीएनएम की पढ़ाई के लिए बिहार से मेरी बेटी को झांसा देकर लाया था. नौकरी लगाने का और शादी करने का आश्वासन दिया था. उसने अपनी जाति और शादीशुदा होने की जानकारी भी छुपाई थी.” संजय पांडे ने आरोप लगाया कि नकली डॉक्यूमेंट के आधार पर उसने अपनी असली जाति नहीं बताई. जिस कॉलेज में स्नेहलता की एडमिशन दिलवाया था उसी में काम करता था.
संजय पांडने ने यहां तक बताया कि आरोपी सत्यप्रकाश नालंदा में उनके घर भी गया था. उसकी छोटी बेटी को भी भिंड में लाना चाहता था लेकिन बड़ी बेटी ने इसका विरोध किया था. संजय ने मांग की है उनकी बेटी को न्याय तभी मिलेगा जब हत्या के आरोपी सत्यप्रकाश जाटव को फांसी की सजा दी जाए और उन्हें उनकी बेटी स्नेहलता का बेटा दिया जाए.
स्नेहलता के पिता न्यूज18 को पूरी घटना बताते हुए.
10 महीने के बच्चे को लेकर आमने सामने आरोपी की पत्नी-स्नेहलता के पेरेंट्स
बता दें, स्नेहलता पांडे और सत्यप्रकाश लिव इन में रहते थे. दोनों का एक 10 महीने का एक बेटा भी था. पुलिस ने बेटे को स्नेहलता की मौजूदगी में बालगृह को सौंप दिया है. वहीं, आरोपी सत्य प्रकाश की पत्नी ने थाने पहुंचकर बच्चे को अपने पास रखने के लिए कहा है. उन्होंने पुलिस के सामने कहा, “बच्चा मेरे पास रहेगा, मैं उसको पालूंगी.” वहीं, स्नेहलता की मां ने भी बच्चे पर अपना अधिकार जमाते हुए कहा, “बच्चा हमारे पास रहेगा.दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस ने बच्चे को बाल गृह भेज दिया है.
सत्यप्रकाश ने खुद को बताया था ब्राह्मण
स्नेहलता की मां ने कहा,”सत्य प्रकाश ही मेरी बेटी का हत्यारा है. शुरुआत में बेटी की मौत सड़क दुर्घटना में होने की जानकारी दी थी. बाद में मुझे पता चला कि बेटी की मौत हादसे में नहीं, बल्कि मर्डर हुआ है.” वहीं, पिता संजय पांडे ने कहा, ” सत्य प्रकाश ने नौकरी का झांसा देकर उससे 4 साल तक परीक्षा दिलवाई. खुद को ब्राह्मण बताकर और मदद का भरोसा देकर धोखे से उस लड़की से शादी कर ली, जबकि उसकी पहले से ही एक शादी हो चुकी थी.
स्नेहलता पांडे के साथ कमरे के किराए पर रहा सत्यप्रकाश
संजय पांडे ने आगे कहा, “जब बेटी को उसकी (सत्यप्रकाश) पहली शादी के बारे में पता चला और उसने अपना बच्चा हुआ होने का हवाला दिया, तो सत्यप्रकाश उसे डॉक्यूमेंट्स लाने के बहाने किराए के कमरे पर ले गया. वहां उसने कमरे में ताला मारकर सारा सामान खाली कर दिया और बेटी और उसके बच्चे को बेसहारा छोड़ दिया. फिर कानपुर ले जाने के बहाने हत्या कर दी.”