नई दिल्ली: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने यूएई मीडिया को अस्पताल के बिस्तर से इंटरव्यू दिया है. उन्होंने फ्लाइट के दौरान हुए खौफनाक संघर्ष की पूरी कहानी बयां की है. कैप्टन स्मित ने ‘द नेशनल’ और ‘स्काई न्यूज अरेबिया’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि कैसे आरोपी को-पायलट अल-हमामी ने विमान को क्रैश करने की साजिश रची थी. कैप्टन ने बताया कि अगर उन्होंने अपनी आखिरी हिम्मत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता, तो यह हादसा दुनिया के लिए एक और 9/11 साबित हो सकता था. कैप्टन स्मित ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए बताया कि आरोपी को-पायलट ने उनसे कहा कि वह कॉकपिट में ही नमाज पढ़ना चाहता है. कैप्टन ने सम्मान दिखाते हुए उसे इसकी इजाजत दे दी और अपना पूरा ध्यान विमान उड़ाने पर केंद्रित रखा.
कैप्टन ने कहा, ‘मैं अपने काम में व्यस्त था और सम्मान के कारण मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. अचानक मुझे अपने सिर पर पीछे से एक बहुत जोरदार वार महसूस हुआ. मुझे नहीं पता कि उसने किस भारी चीज से मुझ पर हमला किया था, लेकिन वार इतना तेज था कि मैं तुरंत अधमरा हो गया. मैं बार-बार होश में आ रहा था और फिर बेहोश हो रहा था.‘
‘मैं इस तरह से मौत को गले नहीं लगा सकता था’
खून से लथपथ और चेहरे के बल गिरे होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी. उन्होंने मीडिया को बताया कि उस वक्त उनके भीतर जिंदा रहने और यात्रियों को बचाने की एक गजब की जिजीविषा (Survival Instinct) पैदा हो गई. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि मैं इस तरह नहीं मर सकता. मैं अपनी मौत को ऐसे स्वीकार नहीं कर सकता था. मैंने खुद से कहा कि कुछ करो वरना सब खत्म हो जाएगा. विमान तेजी से नीचे की तरफ गोता लगा रहा था (Nose-Diving), लेकिन मैंने ठान लिया था कि मुझे लड़ना है.’
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कैसे बची सैकड़ों जानें?
कैप्टन स्मित ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी बची हुई ताकत लगाकर किसी तरह कॉकपिट का लॉक खोल दिया. दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद यात्री तुरंत कॉकपिट में घुस आए और उन्होंने हमलावर को-पायलट को दबोच लिया. कैप्टन ने अपने उस साथी पायलट (तीसरे पायलट) को सच्चा हीरो बताया जिसने उस अफरातफरी के बीच विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया.
उन्होंने कहा, ‘मेरे उस साथी ने जिस तरह से हालात संभाले और विमान को सुरक्षित लैंड कराया, वह मैं जिंदगी भर नहीं भूल पाऊंगा. मैं जब तक जिंदा हूं, उसका अहसानमंद रहूंगा.’
अल-हमामी की साजिश और पीएम मोदी से बातचीत
जांच में यह साफ हो चुका है कि आरोपी को-पायलट अल-हमामी ओमान एयर से बैन होने के बावजूद फ्लाई दुबई में नौकरी पाने में कामयाब रहा था. उसने जानबूझकर तेल अवीव (Tel Aviv) जाने वाली फ्लाइट चुनी थी ताकि वह विमान को क्रैश करा सके. अगर वह अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता, तो न सिर्फ विमान के यात्री बल्कि जमीन पर मौजूद सैकड़ों बेगुनाह लोग भी मारे जाते.