Kanpur Metro | Kanpur Metro News 80 की रफ्तार, जाम की चिक-चिक खत्म, कानपुर में फर्राटे भरेंगी 39 मेट्रो ट्रेन, एक बार में हजारों पैसेंजर करेंगे यात्रा

Kanpur Metro | Kanpur Metro News 80 की रफ्तार, जाम की चिक-चिक खत्म, कानपुर में फर्राटे भरेंगी 39 मेट्रो ट्रेन, एक बार में हजारों पैसेंजर करेंगे यात्रा


Last Updated:

Kanpur Metro News: कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट अपने पूरे रफ्तार में फर्राटे भर रही है. शनिवार को दसवीं और आखिरी ट्रेन गुजरात के सावली से सीएसए डिपो पहुंच गई है. कुल 39 आधुनिक ट्रेनों की डिलीवरी पूरी हो गई है. ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनी इन ट्रेनों में ऑटोमैटिक ऑपरेशन, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और स्मार्ट एसी जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. एक ट्रेन में 974 यात्री सफर कर सकते हैं और लोगों को रोज-रोज की जाम से काफी राहत मिलेगी.

Zoom

कानपुर मेट्रो

Kanpur Metro Train News: कानपुर के लोगों के लिए बड़ी खबर है. मेट्रो प्रोजेक्ट के 10वीं खेप कानपुर मेट्रो को डिलिवर कर दिया गया है. कानपुर मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर यानी सीएसए से बर्रा-8 रूट की दसवीं और आखिरी मेट्रो ट्रेन भी डिपो में पहुंच गई है. इसके साथ ही, शहर के दोनों मेट्रो कॉरिडोर के लिए कुल 39 ट्रेनों की डिलीवरी का काम पूरी तरह से पूरा हो गया है. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि आईआईटी से नौबस्ता तक जाने वाले पहले कॉरिडोर के लिए निर्धारित सभी 29 ट्रेनें सितंबर 2025 में ही कानपुर आ चुकी थीं.

इन सभी आधुनिक ट्रेनों का निर्माण गुजरात के सावली स्थित अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में किया गया है. कानपुर मेट्रो के बेड़े में अब कुल 39 आधुनिक ट्रेनें शामिल हो चुकी हैं, जो आने वाले समय में शहर के दोनों प्रमुख रूटों पर अपनी सेवाएं देंगी. प्रत्येक ट्रेन में तीन अत्याधुनिक कोच शामिल हैं, जो शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव लाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

मेट्रो यार्ड में खड़ीं सभी गाड़ियां.

अत्याधुनिक तकनीकों और सुरक्षा से लैस है हर ट्रेन

यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरण का पूरा ध्यान रखते हुए इन ट्रेनों को बेहद एडवांस्ड फीचर्स से लैस किया गया है. ये ट्रेनें आधुनिक ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) प्रणाली पर संचालित होती हैं. इनमें ऊर्जा बचाने वाली रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक और आधुनिक प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ऊर्जा की बड़ी बचत होती है और प्रदूषण कम होता है. इसके अलावा, कोच के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) सेंसर आधारित एसी सिस्टम लगाया गया है, जो डिब्बे में मौजूद यात्रियों की संख्या के हिसाब से ऑटोमैटिक काम करता है, जिससे बिजली की भारी बचत होती है.

मेट्रो की आखिरी खेप गुजरात से कानपुर पहुंची.

शानदार यात्री क्षमता और हाई-टेक सुविधाएं

कानपुर मेट्रो की इन आधुनिक ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. एक ट्रेन में एक बार में लगभग 974 यात्री आराम से सफर कर सकते हैं. यात्रियों के सफर को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए हर ट्रेन के भीतर सीसीटीवी कैमरे, फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर्स, यूएसबी चार्जिंग पॉइंट्स और इन्फोटेनमेंट के लिए आधुनिक एलसीडी पैनल जैसी बेहतरीन सुविधाएं दी गई हैं. इन तमाम खूबियों के साथ यह प्रोजेक्ट शहरवासियों को एक नया अनुभव देगा.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में आएगा बड़ा बदलाव

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के अनुसार, इन सभी 39 ट्रेनों के कानपुर पहुंच जाने से मेट्रो संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. आने वाले दिनों में जब दोनों कॉरिडोर पर ये ट्रेनें दौड़ेंगी, तो कानपुर का सार्वजनिक परिवहन तंत्र देश के सबसे आधुनिक सिस्टम में शुमार हो जाएगा.



Source link