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Bihar Vaishali Boat Accident: वैशाली जिले के राघोपुर में हुए हादसे पर प्रशासन अब एक्शन ले रहा है. पहले सीओ दीपक कुमार को हटाया गया था. अब डीएम ने एक्शन लेते हुए पीएचसी प्रभारी को भी हटा दिया है. उधर, पीड़ित परिवारों ने सीओ के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने दुर्घटना वाले इलाके में पुल बनाने की मांग की.
रोघापुर में पीएचसी प्रभारी को हटाया गया.
वैशालीः बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे पर प्रशासन का एक्शन जारी है. हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद अब राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार को भी पद से हटा दिया गया. इससे पहले राघोपुर के अंचल अधिकारी (CO) दीपक कुमार को भी हटाया गया था. वहीं, पुलिस ने हादसे में डूबी नाव को जब्त कर थाने में रख दिया. दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से गांव वालों को लोहे की नाव देने की पहल की गई, लेकिन ग्रामीणों ने इसे लेने से इनकार कर दिया.
CO के बाद अब PHC प्रभारी पर एक्शन
13 अक्टूबर को राघोपुर में हुए नाव हादसे के दौरान घायलों को इलाज की सुविधा देने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है. जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने इस बात को गंभीरता से लिया कि घायलों के इलाज के दौरान उनके परिवार और आम लोगों को इलाज से जुड़ी पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी. इसके बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को उनके पद से हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. वैशाली के सिविल सर्जन ने डॉ. प्रवीण कुमार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), राघोपुर के प्रभारी पद से हटाकर सदर अस्पताल, हाजीपुर में प्रतिनियुक्त कर दिया है. वहीं, डॉ. मनीष कुमार झा को अगले आदेश तक राघोपुर PHC का नया प्रभारी बनाया गया है.
नई नाव क्यों नहीं ले रहे गांव वाले?
नाव हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल नाव को जब्त कर राघोपुर थाने में रखवा दिया है. वहीं, प्रशासन की टीम गांव वालों के लिए लोहे की नाव लेकर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने इसे लेने से मना कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि नाव के सहारे आने-जाने में हमेशा खतरा बना रहता है. वे अब ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जिससे लोगों को बार-बार नाव पर निर्भर न रहना पड़े. गांव वालों ने प्रशासन से साफ कहा है कि उन्हें अब नाव नहीं, बल्कि पुल या सड़क चाहिए. उनका कहना है कि अस्थायी इंतजाम के बजाय इलाके में आने-जाने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए.
एक ही परिवार के 7 बच्चों की मौत, पीड़ित पिता ने लगाई गुहार
हादसे ने रामपुर श्यामचंद गांव के कई परिवारों को उजाड़ दिया है. एक ही परिवार के सात बच्चों की मौत हुई है. पीड़ित अखिलेश राय ने अपने दोनों बेटों को खो दिया. उन्होंने कहा कि उनके परिवार में अब कुछ नहीं बचा है. दुखी पिता ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है. उन्होंने मांग की है कि संबंधित CO के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए. साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गांव आकर पीड़ित परिवारों से मिलने की अपील की है. रामनरेश की दो बेटियों की भी इस हादसे में मौत हो गई. परिवार के लोगों का कहना है कि एक छोटी-सी चूक ने उनकी जिंदगी बदल दी. गांव के तीन परिवारों ने इस हादसे में अपने 13 बच्चों को खो दिया है. हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है.
13 बच्चों की हुई थी मौत
13 अक्टूबर की देर शाम नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई थी. हादसे में घायल छह घायल हो गए थे. घटना के बाद से प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है. पहले CO को हटाया गया और अब PHC प्रभारी पर कार्रवाई हुई है. वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि हादसे के बाद केवल अधिकारियों पर कार्रवाई या नाव देने तक ही कदम सीमित न रहें, बल्कि पुल या सड़क बनाकर इस इलाके की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए.