5 महीने में अंडे देना शुरू कर देती है खाकी कैंपबेल बत्तख, सालभर में मिलते हैं 300 से ज्यादा अंडे

5 महीने में अंडे देना शुरू कर देती है खाकी कैंपबेल बत्तख, सालभर में मिलते हैं 300 से ज्यादा अंडे


होमफोटोकृषि

बत्तख की इस नस्ल से सालाना 50 लाख तक कमाई, 5वें महीने से ही बिक्री शुरू

Last Updated:

Duck Farming: बिहार के पश्चिम चंपारण में बत्तख पालन युवाओं के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन रहा है. मझौलिया प्रखंड के 25 वर्षीय आर्यन ने खाकी कैंपबेल नस्ल की बत्तखों का पालन शुरू कर अपना कारोबार खड़ा किया है. इस नस्ल की खासियत है कि मादा बत्तख पांचवें महीने से अंडे देना शुरू कर देती है और सालभर में 300 से 320 अंडे तक दे सकती है. खाने के लिए बिकने वाले अंडों के मुकाबले हैचिंग यानी चूजे निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाले अंडों की कीमत भी अधिक मिलती है. आर्यन के मुताबिक, उन्होंने करीब 1,900 बत्तखों का पालन किया है और इस व्यवसाय से सालाना लाखों रुपये की आमदनी कर रहे हैं.

Top Deals Inside

पश्चिम चम्पारण. क्या आपको पता है कि बत्तख की एक खास नस्ल एक साल में ही इंसानों की किस्मत बदल सकती है? पालन का दायरा अगर बड़ा हो और चूजों की देखभाल सही से की जाए, तो पालन के पांचवें महीने से ही आमदनी की शुरुआत हो जाती है. आमदनी भी ऐसी जो लागत की दोगुनी और नुकसान की चिंता से परे हो. आज हम आपको बत्तख की इस खास नस्ल, हर महीने उससे मिलने वाले अंडों की संख्या, बाजार में कीमत, पालन में आने वाली लागत और उससे होने वाली आमदनी की विस्तृत जानकारी साझा कर रहे हैं.

जिले के मझौलिया प्रखंड निवासी 25 वर्षीय युवा आर्यन बताते हैं कि उन्होंने एक साल पहले बत्तख की खाकी कैंपबेल नस्ल का पालन शुरू किया. पालन के पांचवें महीने से मादाओं ने अंडा देना शुरू कर दिया. जहां बत्तख की एक आम नस्ल साल में 250 से 280 अंडे देती है, वहीं खाकी कैंपबेल सालाना 300 से 320 अंडे तक देती हैं. मजे की बात यह है कि खाकी कैंपबेल के अंडों का औसत वजन 70 ग्राम तक होता है.

खाने के लिए इन अंडों की बिक्री 6 रुपए की दर से की जाती है, वहीं अगर इसे हैचिंग के लिए बेचा जाए तो एक की कीमत 12 से 13 रुपए तक जाती है. हैचिंग के 28 से 30 दिनों में इनसे चूजे निकल आते हैं, जिन्हें बाजार में 40 से 45 रुपए तक की कीमत पर बेचा जाता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पांचवें महीने से ये चूजे वयस्क हो जाते हैं और मादाएं अंडे देने की शुरुआत कर देती हैं. शुरुआत में अंडों की संख्या हर दिन औसतन एक होती है, जो समय के साथ बढ़ जाती है. इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि कोई किसान अगर 1000 बत्तखों का पालन करता है, जिसमें मादाओं की संख्या लगभग 700 और नरों की संख्या करीब 300 हो, तो हर मादा से डेली एक अंडे के हिसाब से प्रतिदिन 700 अंडे मिल सकते हैं. इसे अगक हम कम से कम लेकर भी चलें तो 500 अंडे मिलने तय हैं.

12 रुपए की कीमत पर इन अंडों को हैचिंग के लिए बेचने पर हर दिन 6000 रुपए की आमदनी निश्चित हो जाती है. यानी महीने का 01 लाख 80 हजार और सालाना 21 लाख रुपए से भी ऊपर की आमदनी. जहां तक बात लागत की है, तो आर्यन का कहना है कि बत्तख पालन एक दोगुनी आमदनी का व्यवसाय है, जिसमें लागत की लगभग दोगुनी आमदनी तय होती है. बताते चलें कि आर्यन ने 1900 बत्तखों का पालन किया है, जिनमें मादाओं की संख्या अधिक है. वह इस व्यवसाय से सालाना 50 लाख रुपए तक की आमदनी कर रहे हैं.



Source link