बालेन शाह के दौरे से पहले भारत ने खेला कूटनीतिक कार्ड, सीनियर डिप्लोमैट सुधाकर दलेला को राजदूत बना भेजा नेपाल

बालेन शाह के दौरे से पहले भारत ने खेला कूटनीतिक कार्ड, सीनियर डिप्लोमैट सुधाकर दलेला को राजदूत बना भेजा नेपाल


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बालेन शाह के दौरे से पहले सीनियर डिप्लोमैट सुधाकर दलेला बने नेपाल में राजदूत

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विदेश मंत्रालय के सचिव सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है. दलेला वरिष्ठ राजनयिक नवीन श्रीवास्तव की जगह लेंगे जिनका तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है. यह नियुक्ति नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के अगले महीने होने वाले भारत दौरे से ठीक पहले हुई है. भारत ने पहली बार एडिशनल सेक्रेटरी के बजाय सेक्रेटरी रैंक के वरिष्ठ अधिकारी को काठमांडू भेजकर बड़ा संदेश दिया है.

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सुधाकर दलेला. (File Photo : IANS)

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय में सचिव पद पर तैनात वरिष्ठ राजनयिक सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को इस महत्वपूर्ण नियुक्ति का आधिकारिक ऐलान किया. सुधाकर दलेला काठमांडू में वरिष्ठ राजनयिक नवीन श्रीवास्तव की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे. नवीन श्रीवास्तव ने हाल ही में अपना तीन साल का सफल कार्यकाल पूरा किया है. इससे ठीक एक दिन पहले नेपाल सरकार ने भी निश्चल नाथ पांडे को भारत में अपना नया राजदूत नियुक्त करने की मंजूरी दी थी. यह कूटनीतिक फेरबदल ऐसे समय पर हुआ है जब दोनों देश नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के अगले महीने होने वाले पहले भारत दौरे की तैयारियों में जुटे हैं. भारत सरकार ने इस बार काठमांडू में एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के बजाय सेक्रेटरी स्तर के सीनियर अफसर को तैनात करके एक कूटनीतिक संदेश दिया है.

नेपाल में सेक्रेटरी रैंक के अफसर की तैनाती के क्या मायने हैं?

भारत आमतौर पर काठमांडू में एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के अधिकारियों को ही राजदूत बनाकर भेजता रहा है. केंद्र सरकार ने इस पुरानी परंपरा में बदलाव करते हुए सेक्रेटरी रैंक के अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी है. यह फैसला दिखाता है कि भारत अपने पड़ोसी देश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कितनी ज्यादा अहमियत दे रहा है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार सुधाकर दलेला बहुत जल्द काठमांडू पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे. वे दक्षिण एशियाई मामलों और कूटनीति के गहरे जानकार माने जाते हैं. इससे पहले वे साल 2022 से 2025 के बीच भूटान में भारत के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

पिछले साल सितंबर में उन्हें विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) बनाया गया था. उन्होंने ग्लोबल साउथ के देशों के साथ विकास साझेदारी संभाली है. इसके साथ ही वे ब्रिक्स, इबसा और आई2यू2 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के शेरपा भी रहे हैं.

पीएम बालेन शाह के भारत दौरे से पहले नियुक्ति, दलेला को लंबा अनुभव

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर के दूसरे पखवाड़े में भारत के आधिकारिक दौरे पर आने वाले हैं. इस हाई-लेवल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स और आपसी व्यापार पर अहम बातचीत होगी. इसके साथ ही लंबे समय से लंबित सीमा विवादों और नए हवाई रूटों पर भी चर्चा की रूपरेखा तैयार की जा रही है. सुधाकर दलेला के पास इस क्षेत्र का लंबा और व्यापक प्रशासनिक अनुभव मौजूद है.

वे साल 2009 से 2011 के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में डायरेक्टर रह चुके हैं. वहां उन्होंने दक्षिण एशिया, ईस्ट एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों से जुड़े कूटनीतिक मामलों को देखा था. इसके अलावा वे 2006-07 में डायरेक्टर (नॉर्थ) और 2016 से 2019 के बीच विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (नॉर्थ) रहे थे. उस दौरान उन्होंने नेपाल और भूटान के साथ भारत के संबंधों की सीधी देखरेख की थी.



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