Munitions India Limited : सीबीआई के शिकंजे में क्यों फंसी 150 साल पुरानी कंपनी, किस चीज का करती है उत्पादन

Munitions India Limited : सीबीआई के शिकंजे में क्यों फंसी 150 साल पुरानी कंपनी, किस चीज का करती है उत्पादन


Last Updated:

Munitions India Limited : आपको भले ही मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड का नाम न याद हो, लेकिन इस कंपनी के बनाए हथियारों ने भारतीय सेना को काफी मजबूती दी है. कंपनी की स्थापना तो अगस्त, 2021 में हुई है लेकिन यह जिन फैक्ट्रियों का प्रबंधन करती है, वे 150 साल से भारत के लिए गोला-बारूद और हथियार बनाती आई हैं. कंपनी की चर्चा तब अचानक जोरों पर होने लगी जब इसके कार्यकारी निदेशक को सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

Zoom

मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड 12 आयुध फैक्ट्रियों का प्रबंधन करती है.

नई दिल्ली. एक ऐसी कंपनी जो पिछले 150 साल से भारत के लिए हथियार और गोले-बारुद बना रही है, लेकिन अब वह सीबीआई के शिकंजे में फंसी नजर आ रही. सीबीआई ने यह कार्रवाई कंपनी की एक हालिया डिफेंस डील को लेकर की है, जिसमें कंपनी के कार्यकारी निदेशक ने कुछ गोपनीय जानकारियां लीक करने के ऐवज में रिश्वत ली थी. इस कंपनी का नाम है मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (Munitions India Ltd) जो भारत के रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है और यह एक सरकारी कंपनी है. वैसे तो इस कंपनी का नाम ज्यादातर लोगों को नहीं पता, लेकिन सीबीआई की कार्रवाई के बाद इसके बारे में जानकारी लेने के लिए सर्च काफी बढ़ गई है.

सबसे पहले आपको बता दें कि यह कंपनी स्थापित की गई थी साल 2021 में, लेकिन यह ऐसी फैक्ट्रियों का प्रबंधन संभालती है जो पिछले 150 साल से भारत के लिए गोला-बारूद और हथियार बनाती हैं. दरअसल, सरकार ने 1 अक्टूबर 2021 में हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों के बेहतर प्रबंधन के लिए एक बोर्ड बनाने की पहल की थी. सरकार ने आयुध निर्माण बोर्ड बनाकर इससे जुड़ी प्रोडक्शन यूनिट को 7 कंपनियों में बांट दिया था. इसमें से ही एक कंपनी बनी मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड जिसके पास देशभर में 12 प्रोडक्शन यूनिट को संभालने का जिम्मा है.

क्यों सीबीआई ने की कार्रवाई
मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड ने पिछले दिनों एक प्राइवेट कंपनी एसएमपीपी लिमिटेड (SMPP Limited) के साथ 500 करोड़ की डील की थी. इस डील में मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार ने रक्षा उत्पादन से जुड़ी कुछ गोपनीय जानकारियां लीक की और उसके बदले रिश्चत ली. सीबीआई ने पुणे, दिल्ली, बैंगलुरु और मैसुरु स्थित ठिकानों पर छापेमारी करके 2.23 करोड़ रुपये बरामद किए और कई आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट भी मिले. सीबीआई ने अनिल कुमार, उनके भाई और डील करने वाली कंपनी के सीईओ को गिरफ्तार कर लिया था. जांच एजेंसी का कहना है कि इससे देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है.

क्या सामान बनाती है यह सरकारी कंपनी

  • मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड के अधीन आने वाली फैक्ट्रियों में छोटे और मध्यम आकार से लेकर बड़े कैलिबर वाले गोला-बारुद बनाए जाते हैं.
  • यह कंपनी तोपों और टैंकों के लिए भी गोला-बारूद बनाती है.
  • इसके अलावा मोर्टार, रॉकेट और हैंड ग्रेनेड भी इसकी फैक्ट्रियों में बनते हैं.
  • यह सरकारी कंपनी सेना और उद्योगों के लिए विस्फोटकों का भी उत्पादन करती है.
  • जहाजों के प्रोपेलेंट सहित अन्य संबंधित सामग्रियां भी बना रही है.

कई देशों में फैला है कारोबार
मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड का कारोबार सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में फैला हुआ है. कंपनी के साथ वर्तमान में करीब 23 से 25 हजार कर्मचारी जुड़े हुए हैं. यह कंपनी अपने प्रोडक्ट को भारतीय सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेस को सप्लाई करती है. इसके अलावा अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और एशिया में भी यह कंपनी अपने प्रोडक्ट को बेचती है. हालांकि, देश के डिफेंस उत्पादन में इस कंपनी का बड़ा योगदान है और इसकी मदद से सरकार ने आयात पर निर्भरता घटाने में भी सफलता पाई है.



Source link