IND vs WI 5th T20: सीरीज पर कब्जा जमाने के लिए बेंगलुरु में भिड़ेंगे भारत-वेस्टइंडीज, क्या बल्लेबाजी की नाकामी बनेगी बाधा?

IND vs WI 5th T20: सीरीज पर कब्जा जमाने के लिए बेंगलुरु में भिड़ेंगे भारत-वेस्टइंडीज, क्या बल्लेबाजी की नाकामी बनेगी बाधा?


नई दिल्ली. भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है. सीरीज फिलहाल 2-2 की बराबरी पर खड़ी है और बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला पांचवां और अंतिम मुकाबला अब एक तरह से ‘फाइनल’ बन गया है.  सीरीज अपने नाम करने के लिए भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियों को दूर करते हुए हर हाल में धमाकेदार प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि कैरेबियाई टीम ने अब तक मेजबान को हर मोर्चे पर कड़ी चुनौती दी है.

भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी शीर्षक्रम का निरंतर प्रदर्शन न कर पाना रहा है. सलामी जोड़ी के रूप में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने तीन अर्धशतक जरूर लगाए हैं, लेकिन बतौर जोड़ी उनकी साझेदारियां 29, 42, 7 और 60 रन ही रही हैं. हैदराबाद में खेले गए पिछले मुकाबले में 60 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप में सैमसन का योगदान 56 रन था, जबकि अभिषेक महज दो रन ही बना सके थे. जैसे ही यह शुरुआत टूटी, मध्यक्रम दबाव में आ गया और ताश के पत्तों की तरह बिखर गया.

मध्यक्रम का फ्लॉप शो बढ़ा रहा चिंता

मध्यक्रम का फ्लॉप शो भी टीम इंडिया की चिंता बढ़ा रहा है. ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और युवा नमन धीर बड़ी पारी खेलने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं. श्रेयस अय्यर ने लखनऊ में खेले गए पहले टी20 में 102 रनों की शतकीय पारी खेली थी, लेकिन उसके बाद अगले तीन मैचों में वह केवल 40, 1 और 16 रन ही बना सके. निर्णायक मुकाबले में हारने से बतौर कप्तान श्रेयस की छवि को बड़ा झटका लग सकता है. हालांकि उनकी कप्तानी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन वेस्टइंडीज जैसी आक्रामक टीम के सामने उनकी रणनीति और नेतृत्व क्षमता पर सवाल जरूर खड़े होंगे.

मध्यक्रम का दबाव और आंकड़ों का गणित

नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर रहे ईशान किशन ने पिछली तीन पारियों में 43, 37 और 6 रन बनाए हैं, जबकि नमन धीर 4, 10 और शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौटे हैं. हैदराबाद में 248 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए तिलक वर्मा और नितिश कुमार रेड्डी 12.1 से 14.4 ओवर के बीच एक भी चौका नहीं लगा सके थे, जिसने मैच भारत की पहुंच से दूर कर दिया था.

गेंदबाजी आक्रमण और भुवनेश्वर-कुलदीप की वापसी

गेंदबाजी की बात करें तो प्रिंस यादव, मयंक यादव, नमन धीर और नितिश रेड्डी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे हैं. पिछले मैच में कंधे की चोट का शिकार हुए अर्शदीप सिंह की जगह अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया है. भुवनेश्वर का अनुभव डेथ ओवरों में भारत के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है. इसके अलावा बेंगलुरु की पिच को देखते हुए कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव की अंतिम एकादश में वापसी लगभग तय मानी जा रही है.

कैरेबियाई बल्लेबाजों का शानदार प्रदर्शन

दूसरी ओर, वेस्टइंडीज की टीम अपने स्टार बल्लेबाजों के शानदार फॉर्म के दम पर पूरी तरह से लय में दिख रही है. कप्तान शाई होप (261 रन) और शेरफान रदरफोर्ड (221 रन) इस श्रृंखला में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष दो पायदानों पर काबिज हैं. भारतीय गेंदबाजों के लिए इन दोनों को जल्द से जल्द पवेलियन भेजना सबसे बड़ी चुनौती होगी, जैसा उन्होंने इंदौर में तीसरे टी20 के दौरान किया था.

चिन्नास्वामी की पिच पर महामुकाबला

चिन्नास्वामी स्टेडियम की सपाट पिच हमेशा से बल्लेबाजों की ऐशगाह मानी जाती है, जहां चौकों-छक्कों की बरसात होना तय है. अक्टूबर 2024 के बाद से इस मैदान पर कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला गया है. ऐसे में शाम 7:00 बजे से शुरू होने वाले इस करो या मरो के मुकाबले में जो भी टीम दबाव को बेहतर ढंग से संभालेगी, ट्रॉफी उसी के नाम होगी.

दोनों टीमें इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), नमन धीर, वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, नितिश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, मयंक यादव.

वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, आमिर जांगू (विकेटकीपर), कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफान रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, कीमो पॉल, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर, मैथ्यू फोर्ड, अकील हुसैन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती.



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