पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम घटे, भारत के मुकाबले अब कितना सस्ता हुआ फ्यूल

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम घटे, भारत के मुकाबले अब कितना सस्ता हुआ फ्यूल


पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव किया गया है. सरकार ने पेट्रोल के दाम घटाकर आम लोगों को कुछ राहत दी है, लेकिन हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत में मामूली बढ़ोतरी की है. नई दरें शुक्रवार, 16 अक्टूबर से लागू हो गई हैं. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है.

नई दरों के मुताबिक, पाकिस्तान में पेट्रोल अब 390.23 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. इसकी कीमत में 3.63 रुपये की कटौती की गई है. वहीं, हाई-स्पीड डीजल 31 पैसे महंगा होकर 396.96 रुपये प्रति लीटर हो गया है. सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 114 रुपये और डीजल पर 100 रुपये टैक्स और चार्ज वसूल रही है. फ्यूल की कीमतों में बदलाव का असर आम लोगों से लेकर परिवहन और बिजली उत्पादन तक पर पड़ सकता है.

पेट्रोल और डीजल के नए रेट क्या हैं?

पेट्रोलियम डिवीजन की अधिसूचना के अनुसार, नई कीमतें 16 अक्टूबर से लागू हैं. इस बदलाव के बाद पेट्रोल की कीमत डीजल से कम हो गई है. हालांकि, दोनों फ्यूल पर लगने वाले टैक्स और शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पेट्रोल की कीमत घटने से आम वाहन चालकों को कुछ राहत मिल सकती है.

भारत के मुकाबले कितना सस्ता है पेट्रोल-डीजल?

पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 390 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 134 रुपये होती है. वहीं, डीजल करीब 397 पाकिस्तानी रुपये यानी लगभग 136 भारतीय रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है. इसके मुकाबले दिल्ली में पेट्रोल करीब 102 रुपये और डीजल लगभग 95 रुपये प्रति लीटर है. यानी इन दरों के आधार पर पाकिस्तान में पेट्रोल भारत से करीब 32 रुपये और डीजल लगभग 41 रुपये प्रति लीटर महंगा है.

अप्रैल में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे दाम

अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं. डीजल का भाव करीब 281 रुपये प्रति लीटर से बढ़ना शुरू हुआ और 3 अप्रैल को 520.35 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था.

पेट्रोल की कीमत भी मार्च के पहले हफ्ते में करीब 266 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 3 अप्रैल को 458.41 रुपये प्रति लीटर हो गई थी. मौजूदा दरों के मुताबिक, दोनों ईंधनों की कीमतें अपने अप्रैल के उच्चतम स्तर से नीचे आ चुकी हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर आगे भी घरेलू दरों पर पड़ सकता है.

फ्यूल बचाने के लिए सरकार के सख्त कदम

मध्य पूर्व में जारी टेंशन और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच पाकिस्तान सरकार ने खर्च और खपत कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं. नए उपायों के तहत बाजारों को रात 9 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही, सरकारी वाहनों के लिए ईंधन का आवंटन तीन महीने के लिए 50 फीसदी घटा दिया गया है.

13 सितंबर को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मोटरसाइकिल, ऑटो और 800 सीसी तक की गाड़ियों का इस्तेमाल करने वालों के लिए राहत योजना की घोषणा की थी. इसका फोकस इंटरनेशनल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ कम करना है.

पाकिस्तान में अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना तय करने की व्यवस्था लागू है. 17 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया था कि इंटरनेशनल मार्केट में लगातार बदलाव को देखते हुए कीमतों का निर्धारण दैनिक आधार पर किया जाएगा. इसके लिए ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को जिम्मेदारी दी गई है.

इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार आम तौर पर हर सप्ताह ईंधन की कीमतों में संशोधन करती थी. पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल देश में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले पेट्रोलियम उत्पादों में शामिल हैं. इनकी मासिक बिक्री करीब 7 से 8 लाख टन रहती है, जबकि केरोसिन की मांग लगभग 10 हजार टन प्रति माह है. यही वजह है कि इन दोनों ईंधनों की कीमतों में बदलाव का असर अर्थव्यवस्था और आम लोगों के खर्च पर व्यापक रूप से पड़ता है.



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