दिल्ली के दक्षिणी रिज की 1,000 एकड़ जमीन अब बनेगी रिजर्व फॉरेस्ट: सालों से अटका था मामला, सरकार ने दी मंजूरी

दिल्ली के दक्षिणी रिज की 1,000 एकड़ जमीन अब बनेगी रिजर्व फॉरेस्ट: सालों से अटका था मामला, सरकार ने दी मंजूरी


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दिल्ली की 1,000 एकड़ जमीन को मिलेगा जंगल का दर्जा, रेखा सरकार ने दी मंजूरी

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दिल्ली की करीब 1,000 एकड़ जमीन को अब रिजर्व फॉरेस्ट का दर्जा मिलने जा रहा है. रेखा सरकार ने सदर्न रिज के इस इलाके को लेकर बड़ा फैसला लिया है. 15 गांवों में फैले इस क्षेत्र को लंबे समय से अंतिम कानूनी मंजूरी का इंतजार था. अब सरकार की मंजूरी के बाद इसे कानूनी सुरक्षा मिलने का रास्ता साफ हो गया है.

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दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ने दक्षिणी रिज के करीब 1,000 एकड़ यानी लगभग 400 हेक्टेयर इलाके को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करने की मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले के बाद राजधानी के नोटिफाइड रिज एरिया का दायरा बढ़कर करीब 13,000 एकड़ यानी 5,250 हेक्टर हो जाएगा. लंबे समय से अंतिम कानूनी दर्जे का इंतजार कर रहे इस इलाके के लिए इसे अहम कदम माना जा रहा है.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले वन विभाग ने दक्षिणी रिज फेज-II(A) को लेकर जानकारी दी थी. करीब 400.5 हेक्टेयर में फैला यह इलाका 15 गांवों में आता है और इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1927 की धारा 20 के तहत अंतिम नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहा था.

1994 में शुरू हुई थी प्रक्रिया

दरअसल, इस इलाके को साल 1994 में ही इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 4 के तहत नोटिफिकेशन के जरिए कानून के दायरे में लाया गया था. हालांकि, रिज के कई हिस्सों को रिजर्व फॉरेस्ट का अंतिम कानूनी दर्जा देने की प्रक्रिया लंबे समय तक पूरी नहीं हो सकी. अब नई मंजूरी के बाद दक्षिणी रिज के करीब 400 हेक्टर इलाके को अंतिम कानूनी सुरक्षा मिलने का रास्ता साफ हो गया है. धारा 20 के तहत नोटिफिकेशन होने के बाद इस जमीन की वन क्षेत्र के तौर पर कानूनी स्थिति और मजबूत होगी.

13 हजार एकड़ तक पहुंचेगा नोटिफाइड रिज एरिया

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में वन विभाग की ओर से दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त तक दिल्ली रिज का 4,850.3 हेक्टर क्षेत्र धारा 20 के तहत नोटिफाइड हो चुका था. इसमें दक्षिणी रिज का करीब 4,176 हेक्टर इलाका शामिल था. नई मंजूरी के बाद रिज क्षेत्र के उस हिस्से को भी कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद है, जिसकी प्रक्रिया अभी लंबित थी. सरकार का कहना है कि इसका मकसद सिर्फ जमीन को कानूनी संरक्षण देना नहीं, बल्कि रिज के पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए इसकी बहाली पर भी काम करना है.

क्यों खास है सदर्न रिज?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिणी रिज को दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक हरे इलाकों में से एक बताया. उनके मुताबिक, अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा होने के कारण दिल्ली रिज राजधानी के पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. रिज क्षेत्र जैव विविधता को बनाए रखने के साथ धूल को नियंत्रित करने और स्थानीय तापमान को संतुलित करने में मदद करता है. इसके अलावा यह वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी प्राकृतिक भूमिका निभाता है.

सरकार के अनुसार, दिल्ली रिज को राजधानी के ‘ग्रीन लंग्स’ यानी हरे फेफड़ों के तौर पर देखा जाता है. यह कार्बन सिंक की तरह भी काम करता है. ऐसे में करीब 1,000 एकड़ इलाके को रिजर्व फॉरेस्ट का दर्जा देने की मंजूरी दिल्ली के हरित क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम कदम है.



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