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Earthquakes Jolts two Countries: आज सुबह दो देशों में धरती के डोलने की खबर आई और दोनों ही जगहों पर इसकी इंटेंसिटी रिक्टर स्केल पर करीब 7 मैग्नीट्यूड रही. रूस के कामचटका में 7 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया है जबकि जापान में 6.9 मैग्नीट्यूड भूकंप के चलते धरती थर्रा गई और हड़कंप मच गया.
एक साथ दो देशों में डोली धरती. (AI Photo)
Earthquake in Russia-Japan: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका पेनेंसुला के इलाके में शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी वजह से धरती डोल गई. यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 मापी गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 140 किलोमीटर की गहराई में था.
भूकंप का केंद्र रूस के विलुचिंस्क शहर से लगभग 123 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था. स्थानीय समय के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 3 बजकर 35 मिनट पर दर्ज की गई. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों में भूकंप की तीव्रता 6.9 बताई गई. शुरुआती आकलन में किसी सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई. भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई. अमेरिका के राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी स्पष्ट किया कि इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है.
जापान में गलती से जारी हुआ बड़ा भूकंप अलर्ट
इस बीच जापान में भी भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.9 मैग्नीट्यूड पर रही है. घटनाक्रम के बीच जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने गलती से 9.9 तीव्रता के भूकंप की शुरुआती चेतावनी जारी कर दी. हालांकि यह चेतावनी वास्तविक भूकंप की तीव्रता से मेल नहीं खाती थी. फिलहाल उपलब्ध शुरुआती जानकारी में भूकंप से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है कामचटका
कामचटका पेनेंसुला प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आता है. यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप आते हैं. आधुनिक इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से कई इसी इलाके में दर्ज किए गए हैं. यह इलाका कुरिल-कामचटका सबडक्शन जोन के पास स्थित है. पिछले साल जुलाई में इस क्षेत्र के पास 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद सुनामी ने तटीय इलाके में भारी तबाही मचाई थी. रूस के साथ-साथ अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी अलर्ट जारी किया गया था. हालांकि तब कोई व्यापक नुकसान नहीं हुआ था और उसे अगले ही दिन हटा भी लिया गया था. कामचटका इलाका इसके साथ-साथ रूस के लिए सामरिक रूप से भी बेहद संवेदनशील है.