‘कई गांवों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प’, बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा का असर; सड़कों पर थे लाखों लोग

‘कई गांवों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प’, बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा का असर; सड़कों पर थे लाखों लोग


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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी रथ यात्रा के दौरान नशा मुक्ति की बात कही और इसका असर भी हुआ है. कई गांवों में लोगों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया है. यह यात्रा पांच जिलों से गुजरी है और इसमें हिंदू एकता और नशे से दूर रहने का मैसेज दिया गया. 5 जिलों में लगभग 500 किलोमीटर का सफर तय कर यह यात्रा छतरपुर में पूरी हुई है. इस दौरान लोगों का एक अलग ही उत्साह देखने को मिला है.

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मध्य प्रदेश के पांच जिलों से गुजरी बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा

Baba Bageshwar Dham Yatra: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए रथयात्रा निकाली. उनकी यह यात्रा 11 अक्टूबर से शुरू हुई थी. यह यात्रा पन्ना, दमोह, सागर और टीकमगढ़ से होते हुए छतरपुर तक पहुंची है. 5 जिलों से होते हुए यात्रा ने कुल 500 किलोमीटर का सफर तय किया है. इस यात्रा का मुख्य मकसद हिंदुओं को एकजुट करना और विचार से क्रांति लाना है. इसके अलावा बुंदेलखंड में जातिवाद को खत्म करके राष्ट्रवाद का संदेश देना है.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा बुंदेलखंड के पांच जिलों में हिंदुओं को एकजुट और नशा मुक्ति अभियान के लिए खास रही. लाखों लोग सड़कों पर थे. आस्था था, सनातन के प्रति उत्साह था. उमंग थी और धैर्य था. कीर्तन और भजन करते हुए लोग दर्शन करते हुए उसमें बैठे हुए थे. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह सनातन की यात्रा नहीं, बल्कि एक दर्शन की यात्रा थी.

रथयात्रा के बाद युवाओं ने नशा छोड़ने का लिया संकल्प
धीरेंद्र शास्त्री ने इस बात पर भी जोर दिया है कि जब समाज सुधरेगा, तो देश सुधरेगा. सोच ठीक होगी, तो समाज ठीक होगा. बताया जा रहा है कि बागेश्वर धाम सरकार की रथ यात्रा के बाद कई युवाओं ने नशे से इनकार किया है. युवाओं ने शराब छोड़ने का संकल्प लिया है. यह संस्कारों की ओर अगला कदम बताया गया है. बाबा बागेश्वर ने इसको लेकर एक नारा भी दिया है. उन्होंने कहा कि युवा जागा, भारत जागेगा. नशामुक्त भारत का सपना साकार होगा.

बाबा बागेश्वर की यात्रा के लिए लोगों ने किया घंटों इंतजार
बाबा बागेश्वर की यात्रा को लेकर लोग घंटों इंतजार करते रहे. इसके बाद श्रद्धालुओं का उत्साह भी चर्चा में रहा है. यात्रा के दौरान हुए इन स्वागत कार्यक्रमों ने लोगों का ध्यान खींचा. बागेश्वर धाम सरकार ने कहा कि यात्रा में शामिल लोगों तक यही संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई कि समाज में आपसी भेदभाव कम हो और लोग एक-दूसरे के साथ भाईचारे से रहें. उन्होंने यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों के जरिए समाज में बदलाव लाने का प्रयास बताया.

बाबा बागेश्वर ने समाज में बदलाव की कही बात
बाबा बागेश्वर ने कहा कि बड़ी शक्ति, धैर्य, साहस, उत्साह और उमंग के साथ लोग इस यात्रा में जुड़े. हजारों लोग आठ-आठ, नौ-नौ घंटे तक सड़कों पर रहे. यह भक्ति और श्रद्धा थी. समाज में बदलाव से देश में भी परिवर्तन की राह बनती है.



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