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होर्मुज स्ट्रेट के पास दो मालवाहक जहाज डूब गए हैं. एक जहाज के चालक दल के सदस्य की मौत हुई, जबकि दूसरे जहाज के सभी 21 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया. एक जहाज पहले हमले का निशाना बना था और काफी दिनों से समंदर में ही था. इस दौरान लोग कंटेनर से गिरे सामानों को लूटने पहुंचे. वहीं दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका के साथ संघर्ष की तुलना विश्व युद्धों से की.
होर्मुज में डूबे 2 जहाज.
Hormuz Ship News: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव जहाजों पर भारी पड़ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट के पास अलग-अलग घटनाओं में दो कार्गो जहाज डूब गए हैं. एक जहाज के डूबने से चालक दल के एक सदस्य की मौत हुई है, जबकि दूसरे जहाज के सभी 21 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया. एक वीडियो आया, जिसमें देखा जा रहा है कि समुद्र में कंटेनर से सामान गिरकर बह रहे हैं. नाव से पहुंचे लोग सामान को लूटकर ला रहे हैं. एक नाव पर कुछ छोटे-छोटे डिब्बे भरे हैं. देखने पर लग रहा है कि वह परफ्यूम की बोतलें हैं. इसी बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका के साथ जारी युद्ध की तुलना वर्ल्ड वार से की है. साथ ही ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को होर्मुज के पास आने पर डुबोने की धमकी भी दी है. इन घटनाओं ने दुनिया के अहम समुद्री रास्तों और तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
होर्मुज के पास डूबे दो जहाज
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मंगलवार को सिंगापुर के झंडे वाला मालवाहक जहाज GFS Pride डूब गया. समुद्र में आगे बढ़ते समय जहाज को किसी चीज से निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसमें नुकसान हुआ और आग लग गई. सिंगापुर के समुद्री और बंदरगाह प्राधिकरण के मुताबिक, जहाज पर सवार सभी 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. किसी के घायल होने की खबर नहीं है. एक दूसरी घटना में एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाला मालवाहक जहाज Cape Dao भी डूब गया. रिपोर्ट के मुताबिक, 23 सितंबर को इस जहाज पर हमला हुआ था. इस घटना में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई, जबकि बाकी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद डूबने वाले ये दूसरे और तीसरे जहाज हैं.
जहाजों पर हमले बढ़े
समुद्री सुरक्षा एजेंसी वैनगार्ड, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन और ब्रिटेन की समुद्री व्यापार एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार से अब तक कम से कम 10 जहाजों पर हमले हुए हैं. इनमें रविवार को छह और मंगलवार को चार जहाजों को निशाना बनाया गया.अक्टूबर की शुरुआत से अब तक जहाजों पर 23 हमले दर्ज किए गए हैं. यह संख्या संघर्ष शुरू होने के बाद हर महीने होने वाले हमलों के औसत से करीब दोगुनी है. हमलों का खतरा सिर्फ तेल ले जाने वाले जहाजों तक सीमित नहीं है. कंटेनर जहाज और दूसरे मालवाहक जहाज भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. AFP की रिपोर्ट के मुताबित समुद्री सुरक्षा विश्लेषक बरुन गुप्ता ने कहा कि इन हमलों का मकसद खाड़ी क्षेत्र से तेल की सप्लाई में हो रही बहाली को रोकना और दुनिया के ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ाना हो सकता है.
होर्मुज आए अमेरिकी जहाज तो डुबो देंगे
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के रियर एडमिरल अली अजमाई ने अमेरिकी युद्धपोतों को खुली धमकी दी है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी आए, तो ईरानी सेना उन्हें डुबोने के लिए तैयार है. अजमाई ने कहा कि ईरानी सेना अमेरिकी युद्धपोतों के आने का इंतजार कर रही है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत इस समुद्री रास्ते के पास आने से बच रहे हैं, क्योंकि वहां उन्हें निशाना बनाए जाने का खतरा है. कासिम बसीर मिसाइल जो 1200 किमी तक हमला कर सकती है, उसके इस्तेमाल की धमकी दी गई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 13 अरब डॉलर की कीमत वाला एक अमेरिकी विमानवाहक पोत होर्मुज से लगभग 700 किलोमीटर दूर चला गया है. अजमाई ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अमेरिका यह देखना चाहता है कि होर्मुज खुला है या बंद, तो उसे यहां आकर देखना चाहिए कि कंट्रोल किसके हाथ में है.