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सागर शहर में शारदेय नवरात्र के दौरान 200 से अधिक दुर्गा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना की जा रही है. इस दौरान बाजार में मां दुर्गा की पूजा और कन्या पूजन से जुड़ी सामग्री की कई दुकानें सजी हैं, जहां हिंदू-मुस्लिम दुकानदार मिलकर कारोबार कर रहे हैं.
सागर. शारदेय नवरात्र का त्योहार चल रहा है. सागर शहर में 200 से अधिक जगह पर दुर्गा पंडाल में मां देवी को विराजमान कर आराधना की जा रही है. कई जगहों पर आकर्षक झांकियां सजाई गई है. लोगों के द्वारा देवी की आराधना करने व्रत अनुष्ठान किए जा रहे हैं, कहीं दुर्गा सप्तशती तो कहीं भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. वहीं पंचमी तिथि के बाद से हर घर में कन्या भोजन करने की परंपरा है और कन्या भोजन के साथ कन्याओं को चुनरी भी उड़ाई जाती हैं कुछ लोग बिंदी नेल पॉलिश जैसी चीजों से उनका श्रृंगार भी करते हैं इसके अलावा कई लोग माता रानी के मंदिरों में जाते हैं तो वहां पर उनका पूरी श्रृंगार सामग्री के साथ चुनरी ले जाते हैं. इस बाजार में हिंदू मुस्लिम सभी लोग अपनी-अपनी दुकान लगाते हैं और माता रानी की सामग्री उसे पर रखते हैं श्रद्धालु भी पहुंचते हैं और सामग्री ले जाते हैं.
लेकिन हम आज आपको नवरात्रि से जुड़े एक ऐसी मार्केट के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सस्ती से सस्ती और महंगी से महंगी पूजन सामग्री मिलती है यह ₹10 की रेंज से चुनरी मिलना शुरू हो जाता है और₹500 कीमत तक की चुनरी मिलती है इसी तरह 10 रुपये की श्रृंगार सामग्री से लेकर 100 रुपए तक की श्रृंगार सामग्री के पैकेट ले सकते हैं.
80 साल पुराना है बाजार
सागर के कटरा बाजार में नवरात्रि स्पेशल बाजार सजा हुआ है. यह बाजार लगभग 70 से 80 साल पुराना बताया जाता है. जो नवरात्रि में ही लगता है यहां लगभग 40 से 50 दुकानदार अपनी दुकान सजाते हैं जिनमें चूड़ी बिंदी, महावर, माला, मंगलसूत्र, बिछिया, सिंदूर, कुमकुम से लेकर माता की चुनरी तक होती है. इस बाजार में पिछले 50 साल से दुकान लगाने वाली गोपालगंज निवासी जुलेखा बताती है कि वह यहां पर पूजन का सभी सामग्री बेच रही है जिसमें चुनरी से लेकर चूड़ियां महावर बिनती माला आईना तेल से लेकर हर चीज है अभी नवरात्रि के लिए ₹10 से लेकर 400 तक की चुनरी उनके पास है.
60 साल से लगा रहे दुकान
रामसेवक पटवा ने बताया कि पहले यहां पर उनके पिताजी दुकान लगाया करते थे, उनका स्वर्गवास होने के बाद बेटा नवरात्रि में दुकान लगाता है, हर साल यहां पर नवरात्रि से संबंधित चुनरी से लेकर मंदिरों तक में जाने वाली सभी सामग्री रखते हैं,
राखी पटवा ने बताया कि उनकी सास 60 साल से यहां पर दुकान लग रही है और वह पहली बार अपनी सास के साथ दुकान पर बैठने के लिए आने लगी है. अभी एक महीना हुआ है इसी दुकान से ही जो बचत होती है उसे घर परिवार चलता है. हम लोग इसी के भरोसे रहते हैं अलग-अलग समय में अलग-अलग तरह की दुकान लगाते रहते हैं.