खीरा नहीं, बीज बेचकर कमाई! जानें बस्तर के किसान समलू कश्यप की शेडनेट खेती की कहानी

खीरा नहीं, बीज बेचकर कमाई! जानें बस्तर के किसान समलू कश्यप की शेडनेट खेती की कहानी


होमताजा खबरकृषि

4,000 रुपये किलो बिक रहा खीरे का बीज, किसान समलू ने शेडनेट में शुरू की खेती

Last Updated:

Cucumber Seed Farming: बस्तर के किसान बीज वाले खीरे की खेती कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. एक एकड़ में फसल तैयार करने पर करीब ढाई क्विंटल बीज निकलता है और बाजार में इसकी कीमत लाखों में है.

Top Deals Inside

Cucumber Seed Farming: बस्तर का एक किसान बीज वाले खीरे की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है. इस खेती में बाजार तलाशने की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि फसल तैयार होने के बाद कंपनी खुद आकर बीज खरीदकर ले जाती है. बस्तर क्षेत्र में पारंपरिक रूप से सबसे ज्यादा धान की खेती की जाती है, लेकिन अब किसान सब्जियों के साथ-साथ ककड़ी और करेला के बीज का उत्पादन भी कर रहे हैं. किसान शेडनेट के भीतर यह खेती कर रहे हैं जिससे फसलों में बीमारियों का प्रकोप कम होता है और कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलता है.

घटना की पूरी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने बस्तर के खीरे के किसान समलू कश्यप से बातचीत की. किसान ने जानकारी दी कि वे एक एकड़ जमीन में ककड़ी की खेती कर रहे हैं. खेत की दो बार जुताई के बाद रोटावेटर चलाया गया और फिर बेड बनाकर पौधों की रोपाई की गई. बेड से बेड की दूरी 5 फीट तथा पौधे से पौधे की दूरी 2 फीट रखी गई है. इस खेती में डीएपी, गोबर की खाद और पोटाश का उपयोग किया जाता है तथा सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अपनाई जाती है.

लागत और बीमारियों की रोकथाम
इस फसल में पाउडरी और डाउनी जैसी बीमारियां आने का खतरा रहता है, जिसकी रोकथाम के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. यह बीज वाला खीरा लगभग तीन महीने की अवधि की फसल है. एक एकड़ में करीब 60,000 रुपये की लागत आती है. खेती के दौरान पानी का विशेष ध्यान रखना पड़ता है ताकि कीड़े न लगें. शेडनेट तकनीक के उपयोग से बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.

आगे क्या होगा
यह फसल तीन से चार महीने में तैयार हो जाती है और एक एकड़ जमीन से लगभग ढाई क्विंटल तक बीज निकल जाता है. वर्तमान में खीरे के बीज का भाव 4,000 रुपये प्रति किलो यानी 4 लाख रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जिससे किसानों को तगड़ा मुनाफा हो रहा है.



Source link