Last Updated:
Poultry Farming: बस्तर में मुर्गी पालन किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय है. पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. नीलम बंजारे ने मुर्गियों को रानीखेत और गंबोरो जैसी बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीनेशन और उपायों की जानकारी दी है.
Murgi Palan: बस्तर में मुर्गी पालन किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला एक बेहतरीन व्यवसाय बनता जा रहा है. इसमें मुर्गी के मांस और अंडे की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छा फायदा मिलता है.
व्यवसाय की खासियत
लोकल 18 की टीम ने पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. को नीलम बंजारे से बातचीत की. डॉ. बंजारे के अनुसार, मुर्गी पालन कम समय में अच्छा प्रॉफिट देने वाला व्यवसाय है. उदाहरण के लिए, ब्रॉयलर मुर्गियां पांच से छह हफ्तों में पूरी तरह तैयार होकर बेचने लायक हो जाती हैं.
रानीखेत बीमारी और बचाव
पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. नीलम बंजारे बताती हैं कि मुर्गी पालन शुरू करने से पहले किसानों को सभी मुर्गियों का वैक्सीनेशन करवाना चाहिए. मुर्गियों में रानीखेत और गंबोरो जैसी बीमारियां ज्यादा दिखाई देती हैं. रानीखेत एक वायरल बीमारी है, जिसके लक्षणों में मुर्गी का सुस्त होना, खाना-पीना छोड़ना, छींक आना, गर्दन टेढ़ी करना और हरे पानी की तरह मल त्यागना शामिल है. इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन और सिम्टोमैटिक ट्रीटमेंट के तहत एंटीबायोटिक दी जा सकती है. बीमारी बढ़ने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.
गंबोरो बीमारी और उपचार
दूसरी प्रमुख बीमारी गंबोरो है, जो कि एक वायरल संक्रमण है. इसमें मुर्गियों में अचानक कमजोरी और सुस्ती आ जाती है, उनकी भूख और पानी पीने की आदत बदल जाती है, वजन तेजी से कम होने लगता है और कई बार पक्षियों की अचानक मृत्यु भी हो जाती है. इस बीमारी से निपटने के लिए पशु चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार करना बेहद जरूरी है.
मुर्गियों को स्वस्थ रखने और व्यवसाय में नुकसान से बचने के लिए किसानों को समय पर वैक्सीनेशन कराने के साथ-साथ पशु चिकित्सक की सलाह से डी-वॉर्मर का उपयोग भी करना चाहिए.