delhi voter list sir 2026। arvind kejriwal voter list। दिल्‍ली के इन दिग्‍गजों का भी SIR में कटा नाम, 33 लाख से ज्यादा को नोटिस

delhi voter list sir 2026। arvind kejriwal voter list। दिल्‍ली के इन दिग्‍गजों का भी SIR में कटा नाम, 33 लाख से ज्यादा को नोटिस


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सीएम रेखा और केजरीवाल ही नहीं… दिल्‍ली के इन दिग्‍गजों को भी मिला SIR का नोटिस

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दिल्ली की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया के तहत 33 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं. इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई वीआईपी और आम नागरिक शामिल हैं, जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां या मैपिंग की समस्याएं पाई गई हैं. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब नाम काटना नहीं है बल्कि दस्तावेजों की जांच चल रही है. सभी आपत्तियों का निपटारा 29 अक्टूबर तक होगा और 4 नवंबर 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी.

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एसआईआर पर दिल्‍ली में बवाल हो रहा है.

दिल्‍ली की सियासत SIR में दिग्‍गजों के नाम कटने पर गरमाई हुई है. वोट लिस्‍ट में नाम हटने वालों की लिस्‍ट में केवल सीएम रेखा गुप्ता और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ही नहीं कई अन्‍य बड़े-बड़े दिग्गज भी शामिल हैं. जी हां, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के तहत दिल्ली में 33 लाख से ज्यादा वोटर्स को नोटिस थमा दिए गए हैं, जिसमें कपिल सिब्बल और वीरेंद्र सचदेवा जैसे नाम भी शामिल हैं. सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक बस यही चर्चा है कि आखिर यह क्या चल रहा है. हालांकि, चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि नोटिस मिलने का मतलब वोट काटना कतई नहीं है बल्कि रिकॉर्ड की जांच हो रही है. लेकिन इस खुलासे के बाद से माहौल पूरी तरह गरम है और हर वोटर के मन में बस यही सवाल है कि आखिर आगे क्या होने वाला है.

कितने लोगों को नोटिस मिला?
दिल्ली में कुल 33,12,919 मतदाताओं को नोटिस वाली श्रेणी में रखा गया है. इनमें 13,79,785 वोटर हैं जो 2002 की पिछली SIR वोटर लिस्ट से मैप नहीं हो पाए. जबकि 19,33,134 वोटर रिकॉर्ड में Logical Discrepancies यानी तार्किक/रिकॉर्ड संबंधी विसंगतियां पाई गईं. महत्वपूर्ण बात यह है कि इन सभी के नाम 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल हैं. यानी नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि नाम पहले ही वोटर लिस्ट से काट दिया गया है.

किन VIP लोगों को नोटिस मिला?
SIR नोटिस पाने वालों में कई चर्चित नाम भी शामिल हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उनके मामले में माता-पिता के साथ उम्र के अंतर से जुड़ी विसंगति बताई गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उनका रिकॉर्ड पिछली SIR से मैप नहीं होने की श्रेणी में बताया गया है. अरविंद केजरीवाल के साथ साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, पिता गोविंद राम केजरीवाल, माता गीता देवी और बेटे पुलकित केजरीवाल को भी नोटिस मिला है. तो वहीं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल  पिछली SIR से रिकॉर्ड मैप नहीं होने की श्रेणी में. इसके अलावा पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा उनके नाम में विसंगति के आधार पर नोटिस की जानकारी सामने आई है. उनकी पत्नी को भी नोटिस मिला है.

क्लेम और ऑब्जेक्शन की आखिरी तारीख क्या है?
दिल्ली SIR में दावों और आपत्ति दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 है. जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे भी Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं. इसके बाद नोटिस और दावों की सुनवाई/निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी. फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी होनी है.

क्या नोटिस मिलने का मतलब वोट कटना है?
नोटिस मिलना अपने आप में वोट कटने का मतलब नहीं है. नोटिस का मतलब है कि चुनाव अधिकारी आपके रिकॉर्ड में मिली विसंगति को लेकर आपसे स्पष्टीकरण या जरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं. मतदाता को सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज/जानकारी देने का मौका मिलेगा. इसके बाद अधिकारी तय करेंगे कि नाम अंतिम वोटर लिस्ट में रखा जाए या नहीं.

एक और अहम आंकड़ा: 31 अगस्त की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97.54 लाख नाम हैं, जबकि SIR से पहले दिल्ली की वोटर लिस्ट में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे. लगभग 47.57 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं किए गए हैं; उनके लिए भी Claims & Objections का रास्ता खुला है.



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