NET-JRF में किस रैंक तक मिलेगी सेंट्रल यूनिवर्सिटी और IIT, सफल अभ्यर्थी ने समझाई पूरी बात

NET-JRF में किस रैंक तक मिलेगी सेंट्रल यूनिवर्सिटी और IIT, सफल अभ्यर्थी ने समझाई पूरी बात


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नेट जेआरएफ में प्राप्त रैंक के हिसाब से नामांकन प्रक्रिया पर सुषमा का कहना है कि उनकी ऑल इंडिया रैंक 100 के नीचे है. पहले तो यदि आपको नहीं पता तो हम आपको नेट और नेट-जेआरएफ के बारे में थोड़ा समझा देते हैं. इसके बाद हम आपको यह बताएंगे कि इसमें कितना पैसा मिलता है.

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जहानाबाद: नेट जेआरएफ 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब स्टूडेंट्स एडमिशन की तैयारी में जुट गए हैं. ऐसे में सभी सफल विद्यार्थी रिजल्ट के बाद नामांकन की तैयारी को लेकर कार्ययोजना बनाना शुरू कर चुके हैं. बिहार में भी कई स्टूडेंट्स का नेट जेआरएफ का रिजल्ट आया है. इनमें जहानाबाद जिले से भी एक विद्यार्थी को सफलता मिली है. वो जिला मुख्यालय स्थित गौरक्षिणी संगम घाट की रहने वाली सुषमा कुमारी हैं. दूसरे प्रयास में उन्हें इस परीक्षा में सफलता मिली है. उनका ऑल इंडिया रैंक 93 आया है. ऐसे में वह अपने एडमिशन की तैयारी में जुट गई हैं.

सुषमा कुमारी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “हर किसी को सबसे पहले यह समझने की जरूरत है कि नेट (Net) और नेट जेआरएफ (Net JRF) में कितना अंतर है? नेट परीक्षा पास करते हैं तो आप केवल प्रोफेसर के लिए योग्य हैं और पीएचडी (Phd) में नामांकन के लिए सिर्फ एक साल का समय रहता है. अगर नेट जेआरएफ में सफल होते हैं तो नामांकन के लिए समय अवधि एक साल से बढ़कर 3 साल हो जाती है. साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्य हो जाते हैं. इसके अलावा सरकारी छात्रवृत्ति भी मिलती है.

Net JRF में आया 100 से नीचे रैंक आने वालों के लिए सुषमा ने बताया कि वह पीएचडी बायोटेक से ही करेंगी, लेकिन यह सीट्स की उपलब्धता पर निर्भर करता है. क्योंकि इस विषय में सीट की संख्या कम होती है. आपको बता दें कि सुषमा के पास प्लान बी भी है. उन्होंने कहा कि अगर बायोटेक से पीएच के लिए एडमिशन नहीं मिलेगा तो वह फिर लाइफ़ साइंस से पीएचडी करेंगी.

किस रैंक तक मिलता है IIT और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में नामांकन
उधर, नेट जेआरएफ में प्राप्त रैंक के हिसाब से नामांकन प्रक्रिया पर सुषमा का कहना है कि उनकी रैंक 100 के नीचे है. ऑल इंडिया रैंक 100 के नीचे रहने पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में नामांकन की संभावना रहती है. इसके अलावा आईआईटी कॉलेज में भी एडमिशन होने की प्रबल संभावना रहती है. अगर आप JRF पास नहीं है तो IIT में नामांकन नहीं हो सकता है. आपको सबसे पहले उस आईआईटी कॉलेज में एडमिशन के लिए आवेदन करना होगा. उसके बाद साक्षात्कार होगा. जब इसमें सफल होंगे तभी आपका नामांकन सुनिश्चित हो पाएगा. IIT कॉलेज में आपका एडमिशन या तो नेट से होता है नहीं तो गेट से.

फेलोशिप में भी अंतर
सरकार की फेलोशिप के बारे में सुषमा ने बताया कि अगर सामान्य तरीके के फेलोशिप में 37,000 रुपए और एचआरए की सुविधा मिलती है तो वहीं IIT कॉलेज और सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एडमिशन होने पर फेलोशिप की राशि बढ़कर 70,000 रुपए हो जाती है. साथ ही एचआरए की भी सुविधा मिलती है.



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