NEET Paper Leak Protest: नीट पेपर लीक प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुलिस कार्रवाई की शिकायत के लिए बनेगा पोर्टल


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NEET Paper Leak Protest 2026:नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर आई है. जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती, लाठीचार्ज और गलत कार्रवाई की शिकायत करने के लिए अब एक खास ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने अदालत को बताया है कि पोर्टल लॉन्च के लिए तैयार है. इसके जरिए प्रदर्शनकारी अपनी शिकायतों के साथ घटना से जुड़े सबूत भी सामने रख सकेंगे.खास बात यह है कि शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था केवल प्रदर्शनकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि हिंसा से प्रभावित पुलिसकर्मियों के लिए भी तैयार की गई है.ऐसे में सवाल है कि आखिर इस पोर्टल पर कौन शिकायत कर सकेगा, किन मामलों की जांच होगी और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या होगी?

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NEE पेपर लीक प्रदर्शन पर SC का बड़ा फैसला,  शिकायत के लिए बनेगा पोर्टलZoom

NEET Paper Leak Protest 2026, NEET Protest Supreme Court News: नीट प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला.

NEET Paper Leak Protest Supreme Court: नीट पेपर लीक विवाद के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है.मेडिकल प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और गलत कार्रवाई की शिकायतों को लेकर अदालत ने अहम निर्देश दिया है.प्रभावित लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है जिसे जल्द शुरू किया जाएगा.इसके जरिए छात्र, अभिभावक और प्रदर्शनकारी पुलिस के कथित बल प्रयोग, गलत कार्रवाई और दर्ज मुकदमों से जुड़ी शिकायतें सामने रख सकेंगे हालांकि पोर्टल कब शुरू होगा और शिकायतें किस प्रक्रिया से दर्ज होंगी इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने आनी बाकी है.

नीट पेपर लीक प्रदर्शन से जुड़ा क्या है पूरा मामला?

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे.अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की मांग थी कि परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.प्रदर्शनकारी छात्रों ने दोबारा परीक्षा कराने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई थी.इस दौरान कई जगह छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें सामने आई थीं.कुछ छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे लोगों पर पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया.कुछ लोगों ने गलत तरीके से मुकदमे दर्ज किए जाने की शिकायत भी की थी.इन्हीं आरोपों और शिकायतों को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया है आदेश?

लाइव हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है.इस व्यवस्था के तहत एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया है.पोर्टल का मकसद उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने का मौका देना है जो पुलिस की कथित ज्यादती या अनुचित कार्रवाई से प्रभावित हुए थे.बताया गया है कि इस पोर्टल के जरिए पुलिस के कथित बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी.इससे प्रभावित लोगों की शिकायतों को एक जगह इकट्ठा करने और उनकी जांच की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है हालांकि अदालत के आदेश की पूरी प्रति और पोर्टल के संचालन से संबंधित विस्तृत आधिकारिक निर्देश उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं.ऐसे में पोर्टल की अंतिम व्यवस्था और शिकायतों पर कार्रवाई का तरीका आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा.

 पुलिसकर्मी भी कर सकेंगे शिकायत

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की बनाई उच्चस्तरीय जांच समिति (HPEC) ने अदालत को जानकारी दी है कि शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार हो चुका है और अब इसे शुरू किया जाना बाकी है.इस पोर्टल को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की तकनीकी मदद से बनाया गया है. खास बात यह है कि इसमें शिकायत करने की व्यवस्था सिर्फ प्रदर्शनकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन पुलिसकर्मियों के लिए भी की गई है जो विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे या किसी तरह की हिंसा का शिकार होने का दावा कर रहे हैं. दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज करने के लिए अलग-अलग फॉर्म बनाए गए हैं. पोर्टल शुरू होने के बाद इसकी जानकारी बड़े अखबारों में सार्वजनिक सूचना के जरिए भी दी जाएगी ताकि प्रभावित लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले की जांच के लिए पहले ही पांच सदस्यीय समिति बनाई थी, जिसकी कमान शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी को सौंपी गई है. यह समिति प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस हिंसा, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों से जुड़े मामलों की भी जांच करेगी.



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