Nagastra-1R drone specifications। Nagastra-1R range and payload। 30KM रेंज, 1 KG बारूद, घंटे भर उड़ने का दम… सेना को मिले 450 कामिकेज ड्रोन


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Nagastra-1R Kamikaze Drones: भारतीय सेना ने सोलर डिफेंस द्वारा निर्मित 450 स्वदेशी नागास्त्र-1आर कामिकेज ड्रोन की सबसे बड़ी खेप शामिल की है. 158 करोड़ का यह ऑर्डर आपातकालीन खरीद के तहत दिया गया था. 30 किमी रेंज, 1 किग्रा पेलोड और 1 घंटे तक उड़ने में सक्षम यह ड्रोन पैराशूट रिकवरी फीचर से लैस है. वैश्विक तनाव के बीच यह स्वदेशी तकनीक भारत के लिए बेहद किफायती और सटीक मारक हथियार साबित हो रही है.

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30KM रेंज, 1 KG बारूद, घंटे भर उड़ने का दम... सेना को मिले 450 कामिकेज ड्रोनZoom

सेना की ताकत बढ़ गई है.

नई दिल्ली. भारतीय सेना ने अपनी सटीक मारक क्षमता को अभूतपूर्व मजबूती देते हुए 450 स्वदेशी नागास्त्र-1आर लोइटरिंग म्यूनिशन को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है. नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) द्वारा निर्मित यह अब तक के कामिकेज (आत्मघाती) ड्रोन की सबसे बड़ी सिंगल-बैच सप्लाई है. आपातकालीन खरीद के तहत लगभग 158 करोड़ के इस ऑर्डर को सेना ने व्यापक लाइव ट्रायल्स के बाद अंतिम रूप दिया था. इसमें शामिल चार कंपनियों में से केवल SDAL ही सेना के सभी कड़े परिचालन मानकों और तकनीकी मापदंडों पर खरी उतरी. हालिया ऑपरेशन सिंदूर में नागपुर निर्मित नागास्त्र ड्रोन की अभेद्य मारक क्षमता और सटीक वार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सराहा था, जिसके बाद सेना ने अपने शस्त्रागार में इन एडवांस ड्रोन के इस सबसे बड़े बैच को शामिल किया है.

वैश्विक संघर्ष के बीच भारत की स्वदेशी रणनीति
वर्तमान में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष और मिडिल ईस्ट में बदलते कूटनीतिक हालात ने पूरी दुनिया में आपूर्ति सीरीज को प्रभावित किया है. ऐसे दौर में विदेशी रक्षा प्रणालियों पर निर्भर रहने के बजाय भारत द्वारा स्वदेशी हथियारों को तरजीह देना एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो रहा है. नागास्त्र-1आर न केवल इम्‍पोर्ट किए गए हथियारों की तुलना में बेहद किफायती है बल्कि यह गुणवत्ता और लक्ष्य पर सटीक वार करने के मामले में किसी भी वैश्विक तकनीक से कम नहीं है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्‍टम की कमी को भांपते हुए रक्षा मंत्रालय ने 30,000 करोड़ के आपातकालीन अनुबंधों पर साइन किए थे. यह डिलीवरी आत्मनिर्भर भारत के उस संकल्प को दर्शाती है, जहां देश की सेनाएं अब आपात स्थिति के लिए विदेशों का मुंह ताकने के बजाय घरेलू तकनीक और भारतीय निर्माताओं पर भरोसा कर रही हैं.

नागास्त्र-1आर: रेंज, पेलोड और एडवांस्ड फीचर्स

• मारक रेंज व क्षमता: नागास्त्र-1आर 30 किलोमीटर तक की दूरी पर छिपे दुश्मन के बंकरों, लॉन्च पैड और ठिकानों को ढूंढकर तबाह कर सकता है.
• पेलोड (Warhead): यह 1 किलोग्राम वजनी वॉरहेड (विस्फोटक सामग्री) ले जाने में सक्षम है, जो पिनपॉइंट सटीकता (2 मीटर स्ट्राइक एक्यूरेसी) के साथ हमला करता है.
• उड़ान क्षमता (Loitering Time): यह ड्रोन हवा में लगातार 60 मिनट तक मंडरा सकता है और दुश्मन की हलचल पर निगरानी रख सकता है.
• 360-डिग्री नाइट विजन व गिमबल कैमरा: इसमें 360-डिग्री गिमबल कैमरा और नाइट ऑपरेशन्स के लिए ऑप्टेशनल थर्मल कैमरा दिया गया है. साथ ही, डेटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्टेड वीडियो व टेलीमेट्री लिंक्स का उपयोग होता है.
• अबोर्शन व रिकवरी का विकल्प: इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि कोई मिशन बीच में रद्द होता है या लक्ष्य नहीं मिलता, तो इसे पैराशूट तकनीक के जरिए वापस बुलाकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है.



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