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UPI Payment Charge: यूपीआई पेमेंट पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR चार्ज लगाने का फैसला दिवाली तक टाल दिया गया है. भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन चार्ज को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है. उनका कहना है कि त्योहारी सीजन में यह फैसला व्यापारियों और ग्राहकों को राहत देगा.
यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगाने का फैसला टला, व्यापारियों ने किया स्वागत
रमाकांत दूबे/भोपाल. यूपीआई पेमेट पर लागू होने वाला MDR चार्ज लागू करने की सीमा बढ़ा दी गई है. यूपीआई पेमेट पर लगने वाला चार्ज दिवाली तक टाल दिया गया है. भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने UPI लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज को जनवरी 2027 तक टालने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने की मांग की है.
विवेक साहू ने कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार और एनपीसीआई का यह कदम राहत देने वाला है, लेकिन इसे केवल स्थगित करने के बजाय हमेशा के लिए समाप्त किया जाना चाहिए. आज शहरों से लेकर कस्बों तक व्यापारी और ग्राहक तेजी से UPI के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं. डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए सुविधाजनक है.
पीएम मोदी और वित्त मंत्री से की अपील
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाजार में नकदी के प्रवाह की कमी के बीच MDR चार्ज लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और डिजिटल भुगतान को भी नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी से आग्रह है कि व्यापारी हितों और डिजिटल इंडिया की भावना को ध्यान में रखते हुए UPI पर MDR चार्ज को पूर्ण रूप से समाप्त करने पर निर्णय लिया जाए.
आपको बता दें कि 15 अक्टूबर से यूपीआई पेमेट पर लगे वाला चार्ज अब दिवाली तक टाल दिया गया है. इस फैसले का व्यापरियों ने स्वागत किया है. NPCI ने त्योहारों को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया है. और इसे दिवाली के तुरंत बाद लगाया जाएगा.
UPI पेमेंट पर कितना लगेगा चार्ज?
यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाया जा रहा है. इसके लागू होने के बाद दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर 0.4% चार्ज देना होगा. अगर ग्राहक 75 हजार से ज्यादा का ऑनलाइन पेमेंट करता है तो 300 रुपए फ्लैट चार्ज देना होगा. वहीं रेलवे, इंश्योरेंस, फोन बिल और फ्यूल पर 2 हजार से ज्यादा के पेमेंट पर प्रति ट्रांजेक्शन 5 रुपए देने होंगे.