बाघ, हाथी और घना जंगल… 15 अक्टूबर से फिर गुलजार होगा जिम कॉर्बेट, कारोबारियों को बड़ी बल्ले-बल्ले


Last Updated:

Jim Corbett National Park Open Date: बाघों के दीदार और जंगल सफारी का इंतजार अब खत्म होने वाला है. उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में 15 अक्टूबर से पर्यटन की रौनक लौटने लगेगी. इससे पर्यटकों को जंगल में घूमने का मौका मिलेगा, वहीं होटल, रिसॉर्ट और सफारी कारोबारियों को भी इस सीजन से अच्छी कमाई की उम्मीद है.

Top Deals Inside

बाघ, हाथी और घना जंगल... 15 अक्टूबर से फिर गुलजार होगा जिम कॉर्बेटZoom

बाघ से लेकर हाथी तक देखने का मौका.

रामनगर/शैलेंद्र नैगी: उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में घूमने और जंगल सफारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है. मानसून के बाद कॉर्बेट के बंद टूरिज्म जोन अब धीरे-धीरे खुलने जा रहे हैं. 15 अक्टूबर से इसकी शुरुआत बिजरानी जोन से होगी, जबकि 15 नवंबर तक ढिकाला और दुर्गादेवी जैसे प्रमुख जोन भी पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे. सभी जोन खुलने से कॉर्बेट में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. इससे होटल, रिसॉर्ट और सफारी से जुड़े कारोबारियों को भी अच्छे पर्यटन सीजन की आस है.

दुनियाभर में अपनी बाघों की आबादी और वन्यजीवों के लिए मशहूर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में हर साल मानसून के दौरान कई सफारी जोन बंद कर दिए जाते हैं. बारिश के कारण जंगल के रास्तों और कच्ची सड़कों पर सफर करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन इलाकों में सफारी रोक दी जाती है. अब मानसून का दौर खत्म होने के बाद इन जोन को दोबारा खोलने की तैयारी है. 15 अक्टूबर को बिजरानी जोन खुलने के साथ ही नए पर्यटन सीजन की रौनक बढ़ने लगेगी. इसके बाद 15 नवंबर को ढिकाला और दुर्गादेवी जोन भी पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे. इन जोन के खुलने से कॉर्बेट में जंगल सफारी का दायरा बढ़ जाएगा और पर्यटकों को वन्यजीव देखने के ज्यादा मौके मिलेंगे.

बिजरानी और ढिकाला का पर्यटकों को रहता है इंतजार
कॉर्बेट में झिरना, ढेला, गर्जिया, बिजरानी, ढिकाला और दुर्गादेवी समेत कई पर्यटन जोन हैं. इनमें से कुछ जोन में पूरे साल सफारी की सुविधा मिलती है, जबकि दूसरे जोन मानसून के दौरान बंद रहते हैं. पर्यटकों के बीच बिजरानी और ढिकाला खास तौर पर लोकप्रिय हैं. यही वजह है कि इन दोनों जोन के खुलने का इंतजार पर्यटकों के साथ-साथ पर्यटन कारोबारियों को भी रहता है.

बिजरानी जोन के खुलने से कारोबारियों को सीजन की अच्छी शुरुआत होने की उम्मीद है. इसके बाद ढिकाला और दुर्गादेवी के खुलने से पर्यटकों की आवाजाही और बढ़ सकती है. रामनगर और आसपास के इलाकों में होटल, रिसॉर्ट, सफारी और गाइड के काम से जुड़े लोगों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.

बाघ से लेकर हाथी तक देखने का मौका
जिम कॉर्बेट आने वाले पर्यटकों के लिए जंगल सफारी सबसे बड़ा आकर्षण है. यहां बाघ, हाथी, मगरमच्छ और हिरण समेत कई तरह के वन्यजीव देखने का मौका मिलता है. सीताबनी, फाटो, पवलगढ़ और सोनानदी जैसे इलाकों में भी पर्यटक वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं. हालांकि, कॉर्बेट के प्रमुख जोन खुलने के बाद पर्यटकों के पास सफारी के विकल्प और बढ़ जाएंगे.

कॉर्बेट का पर्यटन सीजन केवल जंगल घूमने तक सीमित नहीं है. इससे रामनगर के स्थानीय कारोबार को भी गति मिलती है. पर्यटकों के आने से होटल, रिसॉर्ट, टैक्सी, गाइड और दूसरे छोटे कारोबारों को काम मिलता है. ऐसे में कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार सफारी जोन खुलने के बाद पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंचेगी और पर्यटन सीजन बेहतर रहेगा.



Source link