कहीं आप भी ISI हॉलमार्क देखकर तो नहीं खरीद रहे सोना, बाबू हो जाएगा बड़ा धोखा, जानें क्या है माजरा


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Kanpur Fake ISI Hallmark: कानपुर में पुलिस ने फर्जी हॉलमार्क लगाने वाले गैंग का खुलासा किया है, जो सोने के जेवरातों पर मशीन के जरिए फर्जी हॉलमार्क लगाते थे. कथित तौर पर नकली हॉलमार्क लगाकर कम शुद्धता वाले जेवरों को अधिक कैरेट का बताकर बेचने की कोशिश का खुलासा हुआ है.

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कहीं आप भी हॉलमार्क देखकर तो नहीं खरीद रहे सोना, बाबू हो जाएगा बड़ा धोखाZoom

सोने के जेवरातों पर फर्जी हालमार्क लगाने वाले गैंग का खुलासा.

कानपुरः कानपुर में सोने की शुद्धता के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है. सर्राफा बाजार में कथित तौर पर नकली हॉलमार्क लगाकर कम शुद्धता वाले जेवरों को अधिक कैरेट का बताकर बेचने की कोशिश का खुलासा हुआ है. फीलखाना पुलिस की शुरुआती जांच में मामला सामने आने के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और शहर के दूसरे ज्वेलर्स तक इसकी कड़ियां जुड़ी हैं या नहीं.

मामले की शुरुआत तब हुई, जब बिरहाना रोड स्थित सोना-चांदी ज्वैलर्स के शोरूम में एक महिला 18 कैरेट की हॉलमार्किंग वाले जेवर बेचने पहुंची. जांच में एक चेन और दो अंगूठियों की शुद्धता महज 10 प्रतिशत पाई गई। इन जेवरों का कुल वजन 18.440 ग्राम बताया गया है. इसके बाद शोरूम मैनेजर की शिकायत पर फीलखाना थाने में धोखाधड़ी और साजिश के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया.

चौक सर्राफा तक पहुंची जांच की कड़ी
पुलिस की पूछताछ में जेवरों के स्रोत से जुड़ी कड़ियां चौक सर्राफा क्षेत्र तक पहुंचीं. जांच के दौरान तिलक पार्क के सामने स्थित दुकान से हॉलमार्किंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीन जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई. पुलिस यह जांच कर रही है कि सामान्य लेजर मशीन के जरिए जेवरों पर कथित तौर पर हॉलमार्क और शुद्धता दर्शाने वाले निशान कैसे लगाए जा रहे थे.

चार लोगों से पुलिस ने की पूछताछ
मामले में महिला समेत चार लोगों से पूछताछ की गई. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ा गया. वहीं, हॉलमार्किंग से जुड़े एक व्यक्ति की भूमिका और उसकी तलाश को लेकर भी रिपोर्ट सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह काम कब से चल रहा था और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है.

अब दूसरे ज्वेलर्स की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कथित फर्जी हॉलमार्किंग का इस्तेमाल केवल इन जेवरों तक सीमित था या इसके जरिए दूसरे कारोबारियों तक भी जेवर पहुंचाए गए. पुलिस जांच में लेनदेन, जेवरों की सप्लाई और हॉलमार्क लगाने की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल अहम होगी. हालांकि, अभी किसी अन्य ज्वेलर की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है.

अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कई टीमें जांच में लगाए जाने की जानकारी के बीच अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर जोर है. जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कथित फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल था और ग्राहकों को नुकसान पहुंचाने वाले इस तरीके का इस्तेमाल कितने व्यापक स्तर पर हुआ. सोने की खरीद में हॉलमार्क को शुद्धता की पहचान मानने वाले ग्राहकों के लिए यह मामला गंभीर चिंता का विषय है. फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी.



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