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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन पर भ्रष्टाचार मामले में ईडी ने जालंधर में केस दर्ज कर लिया है. इससे पहले सीबीआई ने इस मामले में छापे मारे थे और घुम्मन सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
पंजाब के सीएम भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुम्मन के खिलाफ केस दर्ज.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन मामले में अब ईडी की एंट्री हो गई है. ईडी ने घुम्मन पर शिकंजा कस दिया है. कथित भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घुम्मन के खिलाफ जालंधर में मामला दर्ज किया है. इससे पहले जालंधर समेत पंजाब के कई जिलों में सीबीआई ने तलाशी अभियान चलाया था.
बता दें कि घुम्मन पर ईडी की रिपोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. अब ईडी ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है.
ईडी का आरोप है कि घुम्मन के द्वारा ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर, नीतिगत फैसलों, लाइसेंस और जमीन के उपयोग में बदलाव जैसे मामलों में कथित रूप से आर्थिक लाभ के बदले प्रभाव डाला जा रहा था. एजेंसी ने नितिन गोहल को कथित बिचौलिया बताया था.
CBI ने घुम्मन सहित 6 के खिलाफ दर्ज किया था केस
कथित भ्रष्टाचार को लेकर हाईकोर्ट ने ईडी के पत्रों की जांच सीबीआई को सौंपी थी. इसके बाद सीबीआई ने राजबीर घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. एफआईआर में अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों का भी जिक्र किया गया.
सीबीआई ने मारे छापे
ईडी की एफआईआर से पहले सीबीआई लगातार इस मामले की जांच कर रही थी. इसी के चलते सीबीआई ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में आठ ठिकानों पर छापेमारी की. जालंधर में जितिन गोहल (मार्कफेड मैनेजर) से जुड़े परिसर में भी तलाशी ली गई. इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए गए.
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सीबीआई की एफआईआर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन जबरन कार्रवाई न करने का निर्देश दिया. पंजाब सरकार से जांच में सहयोग करने को कहा गया है. मामला अभी जांच के अधीन है और आरोप साबित होना बाकी है.