पंजाब के मानसा में नशा विरोधी मुहिम चलाने वाले एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमजीत सिंह झोटा की आज सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई. झोंटा पर एक मेडिकल स्टोर के अंदर गोलियां बरसाई गई. उस वक्त वे फेसबुक लाइव कर रहे थे और नशे के खिलाफ अभियान में ही लगे हुए थे. आरोप है कि मेडिकल स्टोर के मालिक ने ही उन पर गोलियां दागीं. घायल अवस्था में अस्पताल ले जाने के बाद अस्पताल में झोटा की मौत हो गई.
कहा जा रहा था कि एक्टिविस्ट की हत्या फेसबुक लाइव के चक्कर में हुई, हालांकि अब अंदर की खबर सामने आई है कि झोटा की मौत के पीछे बदले की एक पुरानी कहानी भी दर्ज है जो आज से 3 साल पहले घटी थी. उस घटना को ही सीने में दबाए मेडिकल स्टोर के संचालक ने झोंटा से बदला लेने की ठानी और उन्हें मौत के घाट उतार दिया.
2023 में जूतों की माला पहनाकर घुमाया था संचालक
बताया जा रहा है कि मानसा में लगातार एंटी ड्रग मूवमेंट चला रहे झोंटा ने साल 2023 में इसी मेडिकल स्टोर संचालक को जूतों की माला पहनाकर घुमाया था. उस वक्त भी मामला नशे के विरुद्ध अभियान का ही था. झोटा ने मेडिकल स्टोर पर लगातार नशे का कारोबार करने का आरोप लगाया था और संचालक को जूतों की माला पहनाकर पूरे शहर में घुमाया था, ताकि वह आगे से ऐसा कोई काम न करे. लेकिन सुधरने के बजाय इस घटना को अपमान का घूंट मझकर पीने वाले मेडिकल स्टोर संचालक ने वारदात को अंजाम दे दिया.
झोटा लंबे समय से मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और वे नशा बेचने वालों को रोकने के साथ उन्हें पकड़ते भी थे. इस वजह से उनके कई लोग दुश्मन बन चुके थे और कई लोगों से पहले भी विवाद हो चुका था.
फेसबुक लाइव के दौरान हुई हत्या
बता दें कि मंगलवार सुबह मानसा के एक मेडिकल स्टोर के अंदर अचानक फायरिंग हुई. उस दौरान परमिंदर सिंह झोटा इस दवा विक्रेता की दुकान पर गया था और उसने आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर संचालक ने एक बुजुर्ग को नशीली दवाइयां बेची हैं. यह पूरा घटनाक्रम वह फेसबुक पर लाइव भी कर रहे थे. इसे लेकर परमिंदर और दुकानदार के बीच झगड़ा हो गया. मेडिकल स्टोर संचालक ने उससे लाइव बंद करने को कहा. इसी कहासुनी में बौखलाए दुकानदार ने परमिंदर को गोली मार दी. दुकानदार पहले से ही झोंटा से रंजिश भी मानता था.
जिस वक्त मेडिकल स्टोर में गोलीबारी हुई, झोंट्टा के साथ उनका साथी मौके पर मौजूद था. इस घटना में झोट्टा और उनके साथी को गोली लगी और वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. दोनों को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों का इलाज हुआ. हालांकि झोट्टा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई चल रही है.
अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने लगाए आरोप
इस पूरे घटनाक्रम को अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर शेयर भी किया है. झोट्टा की मौत पर मजीठिया ने कहा कि पंजाब में इस साल पांच पुलिसकर्मियों की हत्या हुई है. पंजाब आखिर कहां जा रहा है?
वह अपने कैमरे पर नशा तस्करों को लाइव दिखा रहा था, तभी चिकित्सा दुकान के मालिक ने, जो चिट्टा बेचता है, उसे गोली मार दी. परविंदर झोट्टा मानसा में नशे के खिलाफ लड़ रहा था; उस पर गोली चली और बाद में उसकी मौत हो गई.
पंजाब में इस साल 5 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या
मजीठिया ने कहा, ‘मुख्यमंत्री से उनके अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी चिट्टा (हेरोइन) के बारे में सवाल पूछे जा रहे हैं. मोहनजीत शेरोन हों या गुलजार सिंह, पंजाब में नशे के खिलाफ आवाजें तेज हो रही हैं. इस साल अब तक पांच पुलिसकर्मी गोली मारकर मारे जा चुके हैं. पंजाब कहां जा रहा है? लेकिन तथाकथित “गुरु दोखी” के एजेंट इन आवाजों को दबाना चाहते हैं. पंजाब की हालत ऐसी बना दी गई है!