CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका फिर हिरासत में, जंतर-मंतर पर पुलिस का एक्शन
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कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने पर दिल्ली पुलिस ने फिर हिरासत में ले लिया है. जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू है और प्रदर्शन प्रतिबंधित है. ऐसे में बेरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते सीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पकड़ लिया. सभी को संसद मार्ग थाने ले जाया गया है.
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया है.
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस ने फिर हिरासत में ले लिया है. दोनों नेता सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बैरिकेड तोड़कर जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहे थे. तभी पुलिस ने इन नेताओं को रोककर पकड़ लिया. दिल्ली पुलिस ने यह कार्यवाही जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल न रहने के चलते की है. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू है और यहां किसी भी तरह के प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है.
12 अक्टूबर को खुद केंद्र सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर प्रतिबंधित कर दिया है. सरकार ने प्रदर्शनकारियों को विरोध प्रदर्शन के लिए तीन नई जगहें सोमवार को दी हैं. इनमें बुराड़ी मैदान, रामलीला मैदान और सीबीडी ग्राउंड हैं. फिलहाल सीजेपी नेताओं को संसद मार्ग थाने ले जाया गया है.
बता दें कि 13 अक्टूबर की सुबह अचानक सीजेपी के सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच गए. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं रुके. प्रदर्शनकारियों ने “भारत माता की जय” और “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे लगाए. जिसके बाद मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर ले गए.
सीजेपी के अभिजीत दिपके ने पुष्टि की है कि सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे सहित अन्य लोगों को बाद में हिरासत में ले लिया गया और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाया गया.
इस दौरान दिपके ने कहा, “आप प्रतिरोध को डी-नोटिफाई नहीं कर सकते,” उन्होंने केंद्र के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल का दर्जा वापस लेने का निर्णय लिया गया था.
बता दें कि जंतर-मंतर को सुरक्षा के मद्देनजर प्रदर्शनों के लिए प्रतिबंधित किया गया है. यहां से नजदीक ही संसद और हाई सिक्योरिटी प्लेसेज होने के चलते यह फैसला किया गया है. सीजेपी और कांग्रेस के प्रदर्शनों के दौरान अक्सर कार्यकर्ता संसद तक जाने की कोशिश करते हैं. लिहाजा शांति बरकरार रखने के लिए इस स्थान को प्रदर्शन के लिए बैन किया गया है.