एडल्ट फिल्मों में स्कूलों की यूनिफॉर्म क्यों? जानिए यूके में छात्राओं ने क्यों उठाई ये आवाज


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एडल्ट फिल्मों में स्कूलों की यूनिफॉर्म क्यों? यूके में छात्राओं ने उठाई आवाज

Agency:एजेंसियां

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यूके में छात्राओं से स्कूल यूनिफॉर्म को एडल्ट फिल्मों में दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है. दो छात्राओं द्वारा शुरू की गई इस पहल से अब कई किशोर छात्र-छाताएं जुड़ चुके हैं. लोगों का भी इन्हें समर्थन मिल रहा है. छात्राओं ने ये पहल तब शुरू की जब उन्हें पता चला कि स्कूल ड्रेस में हर तीन में से एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया जा रहा है.

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यूके में छात्राओं ने एडल्ट फिल्मों में यूनिफॉर्म के प्रयोग पर पाबंदी की मांग की है. (फोटो-pixabay)

अपने स्कूल के फेमिनिस्ट बुक क्लब की सदस्य दो छात्राओं ने एडल्ट फिल्मों में स्कूल ड्रेस के इस्तेमाल पर रोक लगाना चाहती हैं. इंग्लैंड के ऑक्सफोर्डशायर के बिसेस्टर की रहने वाली इन लड़कियों को अन्य स्कूलों के किशोरों का भी साथ मिला है. अब ये पोर्न शॉप पर मिलने वाली स्कूल यूनिफॉर्म पर भी प्रतिबंध लगवाने की कोशिश में हैं.

इन छात्राओं का तर्क है कि स्कूलों की ड्रेस का अश्लील वीडियो में बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है. हम सभी एक साथ इस कदम को आगे ले जाने पर सहमत थे. इनमें से छात्रा ने DW से बातचीत में बताया कि हम चाहते हैं कि किसी भी अश्लील सामग्री में स्कूल ड्रेस का प्रयोग नहीं किया जाए. इसके लिए हमने कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की है. इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.

अश्लील फिल्मों में ड्रेस के प्रयोग से बढ़ रहे अपराध

छात्राओं की ओर से जो याचिका दायर की गई है, उसमें कहा गया है कि अपने कई सहपाठियों को ड्रेस पहनते समय ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ा जो बेहद बुरे थे. उन्होंने कहा कि कुछ छात्राओं को 11 साल की उम्र में ही उत्पीड़न का सामना करना पड़ा. इनमें ज्यादातर छात्राएं वे थीं जो अपने साथ हो रहे अपराध के समय स्कूल ड्रेस पहनें थीं. इसके अलावा भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें स्कूल ड्रेस पहने छात्राओं ने खुद को असुरक्षित महसूस किया.

तीन में से एक छात्रा पीड़ित

चैरिटी संस्था प्लान इंटरनेशनल की 2018 में आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए इन लड़कियों ने कहा कि हर तीन में से कम से कम 1 लड़की को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. इस रिपोर्ट में 1004 लड़कियों से बात की गई थी, जिनमें 35 प्रतिशत ने माना कि स्कूल की यूनिफॉर्म में उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया. 8 प्रतिशत ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना उनकी फोटो ली गईं और वीडियो बनाए गए हैं.

इनमें कई वीडियो अपस्कर्टिंग के भी थे. याचिका में तर्क दिया गया है कि जो चीज असल में छात्रों के एक समुदाय की प्रतीक है, उसे अश्लील फिल्मों में इस्तेमाल कर बदनाम क्यों किया जा रहा है. यह स्कूल यूनिफॉर्म है, मगर पोर्न सामग्री के साथ इनके इस्तेमाल ने इसकी धारणा को ही गंदा बना दिया है.

यूके के ज्यादातर स्कूलों में अनिवार्य है यूनिफॉर्म

स्कूलों में यूनिफॉर्म आम होती है, ताकि आर्थिक असमानताएं कम हो. यूनाइटेड किंगडम के लगभग सभी स्कूलों और प्री स्कूलों में में यूनिफॉर्म अनिवार्य की गई है. छात्रा के हवाले से DW ने लिखा है कि हम सिर्फ ये चाहते हैं कि लोग यूनिफॉर्म के बारे में उस तरह से न सोचें. जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक उन्हें एक लंबा सफर तय करना है. रिपोर्ट के मुताबिक 5 अक्टूबर 2026 तक इस पहल के साथ 24 हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं. अब ये अभियान लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है.

क्या लंबी स्कर्ट इसका समाधान है?

इस पहल को साकार करने वाली लड़कियां कहती हैं कि कुछ लोग तर्क देते हैं कि लंबी स्कर्ट इस समस्या का समाधान है, मगर क्या सच में ऐसा है. कुछ लोग पीड़ितों को ही उनके साथ हुए गलत व्यवहार के लिए दोष देते हैं, मगर समस्या उन लोगों में है जो यूनिफॉर्म पहनने वाली लड़कियों के साथ घिनौना अपराध करते हैं.



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