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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित कानपुर हाईवे पर करीब दो दिन तक शव के ऊपर से सैकड़ों गाड़ियां गुजर गईं. लेकिन किसी को भी भनक तक नहीं लगी. वहीं जब मृतक को ढूंढते हुए परिजन पहुंचे तो शव की हालत देख उनका केलजा फट गया. बेटे अपने पिता को गठरियों में ले गए.
किसान के शव को सड़क पर दो दिन तक रौंदती रही गाड़ियां.
झांसीः उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में कानपुर हाईवे से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत पर सवाल खड़ा कर दिया है. हाईवे पर एक शख्स का शव दो दिन तक पड़ा रहा और उसपर से सैकड़ों वाहन गुजरते हुए निकल गए. लगातार वाहनों के रौंदने से शव सड़क पर चिपक गया. उधर परिवार ने जब खोजबीन शुरू की तो बीच सड़क पर पिता की चप्पल और कपड़े दिखाई दिए, जिसे देखते ही बेटे ने पहचान लिया. शव की हालत ऐसी थी कि उसे सड़क से खुरचकर निकालना बड़ा और फिर शव के टुकड़ों को एक छोटी सी गठरी में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
9 अक्टूबर को खेत पर गए थे जगमोहन
मृतक की पहचान जगमोहन तिवारी के रूप में हुई है. जगमोहन झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के महाराजगंज के रहने वाले थे. जगमोहन की पत्नी रागिनी, दो बेटे और एक बेटी है. बड़े बेटे सागर और बेटी प्राची की शादी हो चुकी है. वहीं दूसरा बेटा आयुष अभी कुंवारा है. परिवार वालों का कहना है कि बीते 9 अक्तूबर की सुबह करीब 11 बजे जगमोहन घर से निकलकर झांसी-कानपुर हाईवे किनारे स्थित अपने खेत पर गए थे. देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे तो उनकी पत्नी रागनी को लगा कि वह खेत पर ही रुक गए होंगे. इससे पहले कई बार ऐसा हो चुका था.
रविवार से पिता की तलाश हुई शुरू
जगमोहन के पास मोबाइल फोन भी नहीं था. ऐसे में उनकी पत्नी उनसे संपर्क नहीं कर सकीं. परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि जिस व्यक्ति के खेत से लौटने का इंतजार किया जा रहा है, उसके साथ इतना बड़ा हादसा हो चुका है. जगमोहन का छोटा बेटा आयुष्य अपनी दादी शोमा तिवारी को लेने गुजरात गया था. वहीं बड़ा बेटा सागर एक कंपनी में काम करता है और घूमने के लिए मथुरा गया हुआ था. जब रविवार को आयुष अपनी दादी को लेकर घर पहुंचा तो उसके पिता वहां नहीं मिले.
हाईवे पर चप्पल-कपड़ा और मिली लाश
रागिनी ने बताया कि जगमोहन 9 अक्तूबर को खेत पर गए लेकिन वह फिर लौटे नहीं. इसके बाद आयुष अपने पिता को खोजने निकला. इस दौरान लोगों ने बताया कि हाईवे पर एक हादसा हुआ था. आयुष जब मौके पर पहुंचा तो उसे अपने पिता की चप्पल दिखाई दी. फिर तौलिया और कपड़े भी नजर आए. इन चीजों को देखकर आयुष को लग गया कि उसके पिता की लाश हाईवे पर ही है. लगातार वाहनों के गुजरने और शव को कुचलने के चलते उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी. परिवार के मुताबिक शरीर का कोई भी हिस्सा सही सलामत नहीं था. वहां बाल और मांस के लोथड़े भी मिले. पुलिस ने शव को सड़क से खुरचकर निकाला.