‘राहुल गांधी इस्तीफा दें तो मैं बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार’, वोट चोरी पर सीएम हिमंत का कांग्रेस को चैलेंज

‘राहुल गांधी इस्तीफा दें तो मैं बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार’, वोट चोरी पर सीएम हिमंत का कांग्रेस को चैलेंज


असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने चुनौती दी कि अगर कांग्रेस राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता छोड़ने और कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार है, तो वह असम में बैलेट पेपर के जरिए दोबारा चुनाव लड़ने को तैयार हैं. सरमा ने केरलम, कर्नाटक और तेलंगाना की सरकारों पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि इन राज्यों में भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में कथित ‘वोट चोरी’ के जरिए सरकारें बनी थीं.

सीएम हिमंत ने गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के चुनाव आयोग विरोधी अभियान पर सवाल उठाए. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर राहुल गांधी और कांग्रेस अपनी सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार हैं, तो मैं बैलेट पेपर के जरिए चुनाव लड़ने को तैयार हूं. केरलम, कर्नाटक और तेलंगाना की सरकारों को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि इन राज्यों में भी ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में ‘वोट चोरी’ के जरिए सरकारें बनी थीं.’

‘हर पांच साल में हो SIR’

एसआईआर का बचाव करते हुए सरमा ने कहा कि देश में जनसांख्यिकीय बदलावों पर नियंत्रण के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘भारत में एसआईआर की जरूरत है. बड़े पैमाने पर अवैध प्रवास के कारण असम, पश्चिम बंगाल और झारखंड की जनसांख्यिकी बदल गई है. हर दिन अवैध प्रवास हो रहा है और यदि हम मतदाता सूची से ऐसे लोगों के नाम नहीं हटा पाए, तो भारत की जनसांख्यिकी बदल जाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘मैं मांग करता हूं कि हर पांच साल में एसआईआर प्रक्रिया होनी चाहिए. तभी भारतीय लोकतंत्र को बचाया जा सकेगा.’

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. सरमा ने आरोप लगाया, ‘वे सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. वे भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं.’

‘तांडव से पहले सनातन धर्म का सम्मान करना सीखें’

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने सनातन धर्म का जिक्र करते हुए कहा, ‘तांडव करने से पहले सनातन का सम्मान करना सीखो.’

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेता चुनाव आयोग तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरमा ने कांग्रेस के आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक हितों से प्रेरित बताया.



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