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Neem Karoli Baba Grandson Dhananjay Sharma: नीम करौली बाबा के पोते धनंजय शर्मा बैतूल पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने बाबा को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया है कि बाबा अपने कमंडल नहीं रखते थे. साथ ही फिल्म में बाबा को सीता राम कहते हुए सुना गया है, जबकि असली जिंदगी में वह राम-राम कहते थे. फिर भी पूरे परिवार को खुशी है कि बाबा के जीवन पर फिल्म बनी है.
हनुमान अंश फिल्म को लेकर नीम करौली बाबा ने उठाए सवाल
Hanuman Ansh: नीम करौली बाबा पर आधारित फिल्म हनुमान अंश लगातार बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान गढ़ रही है. फिल्म लोगों को खूब पसंद आ रही है और इसे देखने को लिए लगातार लोग पहुंच रहे हैं. यह फिल्म बाबा के शुरुआती जीवन से लेकर उनकी उस आध्यात्मिक यात्रा को जीवंत करती है. सिनेमा के जरिए नई पीढ़ी तक बाबा के महान विचारों को पहुंचाने की इस पहल को चौतरफा सराहा जा रहा है. अब उनके पोते डॉ. धनंजय शर्मा मध्य प्रदेश के बैतूल जिले पहुंचे हैं, जहां उन्होंने न्यूज 18 से विशेष बातचीत में उन्होंने बाबा के जीवन, फिल्म की बारीकियों और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रांतियों पर बेबाकी से अपने विचार साझा किए.
नीम करौली बाबा के पोते ने खोले कई राज
डॉ. धर्मराज शर्मा ने बताया कि बाबा नीम करौली के जीवन और विचारों पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर पूरा परिवार उत्साहित और खुश है. उन्होंने साफ किया कि अगर फिल्म निर्माण से पहले निर्देशक या लेखक बाबा के परिवार से सलाह लेते, तो फिल्म में दिखाए गए तथ्य और भी सटीक हो सकते थे.
उन्होंने कहा कि फिल्म में बाबा को ‘सीता-राम’ कहते हुए दिखाया गया है, जबकि वास्तव में वे हमेशा केवल ‘राम-राम’ ही कहा करते थे. इसके अलावा मूवी में उन्हें कमंडल धारण किए दिखाया गया है, जबकि बाबा ने अपने जीवन में कभी कमंडल जैसी कोई चीज अपने नहीं रखी.
चमत्कार नहीं करते थे नीम करौली बाबा
सोशल मीडिया पर बाबा के नाम से फैलाए जा रहे भ्रामक कंटेंट पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. धनंजय शर्मा ने कहा कि ऐसा भ्रामक कंटेंट इंटरनेट से तुरंत हटाया जाना चाहिए. बाबा ने कभी किसी भौतिक चमत्कार या जादू-टोने का प्रदर्शन नहीं किया. उनकी असली शक्ति उनका गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव था. वह व्यक्ति के मन को पढ़कर उसके वर्तमान और भविष्य की बातें बता दिया करते थे. बाबा की सादगी ही उनकी असली पहचान थी, जिसे बिना किसी दिखावे के सही रूप में दुनिया के सामने लाया जाना चाहिए.
फिल्म लगातार कर रही कमाल
फिल्म हनुमान अंश लगभग दो करोड़ में बनी थी, लेकिन माउथ पब्लिसिटी की वजह से ये फिल्म लगातार अच्छा कारोबार कर रही है और 300 करोड़ के पास पहुंचने वाली है. फिल्म में बाबा के जीवन और उनकी सादगी को दिखाया है. फिल्म में एक ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति है, जिसने सभी दर्शकों को हैरत में डाल दिया है.