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Sri Ganganagar-Gharsana Farmers Movement: श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन फिलहाल नए मोड़ पर पहुंच गया है. देर रात राज्य सरकार और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल की मौजूदगी में संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. सरकार किसानों को पांच प्लस दो सिंचाई बारी देने को तैयार है, जबकि किसान प्रतिनिधि छह प्लस दो बारी की मांग पर अड़े हुए हैं. मांग पर सहमति नहीं बनने के बावजूद पिछले दो दिनों से हाईवे जाम के कारण लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए हनुमान बेनीवाल ने जाम खोलने का फैसला लिया. आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों पर अब संघर्ष समिति निर्णय करेगी. बेनीवाल ने कहा कि सरकार को किसानों के मुद्दे पर गंभीरता दिखानी चाहिए. उन्होंने किसानों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही.
श्रीगंगानगर. राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की बारी को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच देर रात राज्य सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल भी संघर्ष समिति के साथ वार्ता में शामिल हुए. सरकार की ओर से किसानों को पांच प्लस दो सिंचाई बारी देने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि किसान प्रतिनिधि छह प्लस दो बारी की मांग पर अड़े रहे.
मांग और प्रस्ताव के बीच सहमति नहीं बनने से वार्ता बेनतीजा रही. इस बीच, पिछले दो दिनों से हाईवे जाम के कारण किसानों और आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए हनुमान बेनीवाल ने हाईवे जाम खोलने और आगे के आंदोलन को लेकर निर्णय संघर्ष समिति के स्तर पर लेने का फैसला किया है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनका हक दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी.
पांच प्लस दो और छह प्लस दो बारी पर अटका मामला
घड़साना में किसान सिंचाई पानी की बारी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि उन्हें छह प्लस दो सिंचाई बारी दी जाए, जबकि राज्य सरकार पांच प्लस दो बारी देने के लिए तैयार है. दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पा रही है. देर रात हुई वार्ता में भी यह अंतर दूर नहीं हो सका. किसान प्रतिनिधियों ने अपनी मांग पर जोर दिया, वहीं सरकार के प्रस्ताव को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी. ऐसे में आंदोलन के समाधान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है.
हाईवे जाम खोलने का फैसला, संघर्ष समिति लेगी अगला निर्णय
आंदोलन के चलते पिछले दो दिनों से हाईवे जाम होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसे देखते हुए हनुमान बेनीवाल ने हाईवे जाम खोलने का फैसला लिया. साथ ही, आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों और आगे की रणनीति पर निर्णय संघर्ष समिति के स्तर पर लेने की बात कही. अब संघर्ष समिति किसानों की मांगों और सरकार के रुख को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय करेगी.
किसानों के हक की लड़ाई जारी रखने का ऐलान
आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर सरकार को संजीदगी से पेश आना चाहिए और उनकी मांगों का उचित समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने किसानों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही. बेनीवाल ने यह भी बताया कि पंचायती राज चुनाव की व्यस्तता के चलते वह संघर्ष समिति के आगामी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि चुनावी व्यस्तता के बावजूद किसानों के मुद्दे पर उनका समर्थन जारी रहेगा. अब सभी की नजर संघर्ष समिति के अगले फैसले और सरकार के साथ आगे होने वाली बातचीत पर टिकी है.