जबलपुर. मध्य प्रदेश में मानसून के विदा होने के बाद दिन में गर्मी, तो रात में ठंड महसूस हो रही है. पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. राजधानी भोपाल, जबलपुर, विदिशा, धार, उज्जैन, पचमढ़ी समेत लगभग सभी जिलों में पारा लगातार गिर रहा है. दिन में तेज धूप के चलते गर्मी और उमस का असर बना हुआ है लेकिन शाम होते ही तापमान में गिरावट होने से राहत महसूस हो रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर माह में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड इसी तरह बरकरार रहेगा. IMD द्वारा 6 अक्टूबर से लेकर 11 अक्टूबर तक पूर्वी और उत्तरी राज्य में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान बताया गया था, जो सही भी साबित हुआ. सीधी, पन्ना, सिंगरौली, मऊगंज, छतरपुर, रीवा, सतना समेत ज्यादातर पूर्वोत्तर जिलों में आंधी-बारिश देखने को मिली. आज यानी 12 अक्टूबर 2026, दिन सोमवार को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा. किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है. दरअसल मध्य प्रदेश में इस समय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं, जिसकी वजह से मानसून के विदा होने के बाद भी बारिश हो रही है. आज से अगले कुछ दिनों के लिए बारिश से राहत मिलेगी लेकिन बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया एक्टिव होने से 15 अक्टूबर के बाद राज्य में फिर से बारिश का दौर जारी रह सकता है.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में आज आंधी-बारिश की कोई संभावना नहीं बन रही है. मौसम पूरी तरह साफ रहेगा. दिन के समय तापमान में वृद्धि होने से गर्मी और उमस महसूस होगी, तो वहीं शाम होते-होते तापमान गिरने से थोड़ी राहत मिलेगी. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी आज कुछ इसी तरह का मौसम देखने को मिलेगा. आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में और फर्क दिखेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में दर्ज किया गया, तो सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस इंदौर में रिकॉर्ड हुआ.
एमपी में 24 जून को हुई थी मानसून की एंट्री
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है. मानसून ने इस साल राज्य में 24 जून को एंट्री ली थी और तीन अक्टूबर को विदाई ली. प्रदेश में मानसून 100 दिन सक्रिय रहा. इस मानसून सीजन में 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार फीसदी कम है. पूर्वी राज्यों में चार प्रतिशत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई. वहीं पश्चिमी राज्यों में 12 फीसदी कम बारिश हुई. भोपाल, ग्वालियर, कटनी, राजगढ़ समेत प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, तो वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई, जिनमें जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, रीवा और सागर भी शामिल हैं.